4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कासगंज घटना में शहीद हुआ आगरा का लाल, पत्नी और मासूम बेटियों को देख नहीं थम रहे लोगों के आंसू

— आगरा जिले के थाना डौकी क्षेत्र के नगला बिंदु का रहने वाला था शहीद हुआ सिपाही देवेन्द्र, घटना की जानकारी के बाद घर पर लगा लोगों का तांता।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

arun rawat

Feb 10, 2021

constable

सिपाही के गांव में छाया मातम, परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल है

आगरा। कासगंज घटना में आगरा का लाल देवेन्द्र शहीद हो गया। पत्नी और दो मासूम बेटियों को देखकर हर किसी की आंख नम है। परिवारीजन अभी भी इसका विश्वास नहीं कर पा रहे कि अब उनके बीच में उनकी आंखों का तारा नहीं रहा। पत्नी बदहवास होकर बार—बार बेहोश हो जाती है और पति को चीख—चीखकर पुकारती है। पत्नी की इस हालत को देख हर कोई रो रहा है लेकिन परिजनों को ढांढ़स बंधाने का प्रयास भी कर रहा है।

खबर मिलते ही मचा कोहराम
शहीद सिपाही देवेंद्र आगरा के डौकी थाना क्षेत्र के नगला बिंदु गांव के रहने वाले थे। देवेंद्र की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची कोहराम मच गया। घर की खुशी पल भर में काफूर हो गई। गांव में हर तरफ महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई दे रहा है। घर परिवार और गांव की महिलाओं का रो—रोकर बुरा हाल है। शहीद सिपाही देवेंद्र के घर पर ग्रामीणों का जमावड़ा लगा हुआ है। सभी की आंखें नम हैं और सभी में शराब माफिया के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश भी दिखाई दे रहा है।

बीते लम्हों को कर रहे याद
हर कोई शहीद सिपाही देवेंद्र के साथ बीते लम्हों को याद कर रहा है। शहीद सिपाही देवेंद्र के घर में उसके बूढ़े मां बाप छोटी बहन और पत्नी और दो अबोध बेटियां हैं। सभी की जिम्मेदारी सिपाही देवेंद्र के कंधों पर थी। वर्ष 2015 में देवेंद्र पुलिस में भर्ती हुआ था। कानपुर देहात में पोस्टिंग के बाद देवेंद्र का तबादला कासगंज हुआ था और तभी से देवेंद्र कासगंज में पूरी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहा था। देर रात सिपाही देवेंद्र और दरोगा अशोक कुमार शराब माफिया को पकड़ने के लिए दबिश देने गए थे। जहां शराब माफिया ने दोनों को घेर लिया और बेरहमी से सिपाही देवेंद्र को मौत के घाट उतार दिया। देवेंद्र की शहादत पर गांव में गम है और शराब माफिया के प्रति गुस्सा। गांव के लोगों ने शराब माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग सरकार से की है।

गांव में उठी यह मांग
गांव में मांग उठी है कि शहीद सिपाही देवेंद्र के नाम पर सड़क और पुल का निर्माण किया जाना चाहिए। गांव में शहीद सिपाही देवेंद्र की याद में शहीद स्मारक का निर्माण करवाया जाना चाहिए। शहीद सिपाही देवेंद्र के बारे में जानकारी देते हुए परिवार और गांव के लोगों ने बताया कि देवेंद्र काफी मिलनसार था और हमेशा फर्ज के लिए अपनी जान कुर्बान करने की बात कहता था। देवेंद्र की शहादत पर गांव में गम का माहौल है।