दुनिया को पानी बचाने का संदेश देने के लिए दो इंजीनियर देश में घूम रहे हैं।
यूट्यूब पर पानी की बर्बादी देखकर तमिलनाडु के दो इंजीनियरिंग के छात्र पीठ पर तिरंगा लगाए हुए पैदल देश भ्रमण के लिए निकल पड़े हैं। लोगों से लिफ्ट मांग कर उन्होंने बीस दिन में 4 हजार किमी का सफर तय किया और गुरुवार को ताजमहल पहुंचे। दौरान उनकी कहानी सुनकर पर्यटक भी काफी अचंभित हुए।
गुरुवार को ताजमहल के पास पीठ पर पिट्ठू बैग और उस पर तिरंगा झंडा लगाए हुए दो युवकों को देखकर हर पर्यटक और स्थानीय लोग आकर्षित हो रहे थे। लोगों ने जब उनसे बातचीत की तो उन्होंने लोगों को पर्चे देकर पानी बर्बाद न करने और बचाने की अपील की। दोनों युवकों की बात सुनकर लोगों ने भी मुहिम का समर्थन किया।
यूट्यूब पर वीडियो देखा और निकल पड़े भारत भ्रमण को
दोनों युवकों से बात करने पर उन्होंने बताया की वो दोनों तमिलनाडु के निवासी हैं, उनका नाम भुवनेश और दीपन है। वो मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र हैं। उन्होंने पानी बर्बादी करने का एक वीडियो देखा था और फिर उन्होंने लोगों को जागरूक करने की ठानी और पर्चे बनाकर इस तरह लोगों को पानी की बर्बादी करने से रोकने को जागरूक करने के लिए घर से भारत घूमने के लिए निकल पड़े हैं।
बिना किराया खर्च किए 4 हजार किमी का सफर
भुवनेश ने बताया की उनके पास सिर्फ भोजन करने के लिए खर्च करने लायक पैसे हैं। कपड़े भी दो जोड़ी ही लेकर चले हैं। वो लिफ्ट लेकर सफर करते हैं या फिर पैदल ही आगे बढ़ते हैं। अभी तक 20 दिन में 4 हजार किमी का सफर करके वो आगरा पहुंचे हैं। ताजमहल देखने की ख्वाहिश उन्हें यहां खींच लाई है। ताजमहल देखने के बाद आगे मथुरा के लिए जाना है।
पानी का मोल समझना जरूरी
भुवनेश ने कहा की पानी अमूल्य है और यह बात लोगों को समझना चाहिए। पेट भरने के लिए सैकड़ों चीजें हैं पर प्यास सिर्फ पानी से ही बुझ सकती है। लोगों को पानी बचाने पर अभी से ध्यान देना जरूरी है, भविष्य में आने वाली पीढ़ी के लिए पानी नहीं बचेगा।