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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आगरा। कोरोना काल में आगरा की डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी को खोल दिया गया लेकिन पहले दिन कोरोना के भय से कर्मचारियों की संख्या न के बराबर रही। यूनिवर्सिटी को सैनिटाइज कराया गया लेकिन कामकाज न होने के कारण पहुंचे कर्मचारी लोगों से दूरी बनाते नजर आए। हालांकि पहले दिन यूनिवर्सिटी खुलने की जानकारी न होने के कारण स्टूडेंट्स भी नहीं पहुंचे।
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19 दिन बाद खुली यूनिवर्सिटी
कोविड 19 के बढ़ते मामलों को लेकर आगरा यूनिवर्सिटी को बंद कर दिया गया था। 19 दिन बाद यूनिवर्सिटी खोली गई लेकिन पहले दिन कर्मचारियों की संख्या न के बराकर रही। कुलसचिव प्रो. पीके सिंह ने बताया कि परिसर में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को प्रवेश नहीं दिया गया। परिसर में केवल कर्मचारियों को प्रवेश दिया गया जिससे वह लंबित मामलों को निपटा सकें और डिग्रियां और मार्कशीट संबंधी शिकायतों का निराकरण कर सकें। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल के आदेश पर यूनिवर्सिटी खोलने का निर्णय लिया गया है।
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हेल्प डेस्क बनाने के दिए निर्देश
स्टूडेंट्स की विभिन्न समस्याओं को लेकर कुलपति ने हेल्प डेस्क बनाने के निर्देश दिए हैं।
हेल्प डेस्क पर छात्र—छात्राएं अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र दे सकेंगे जिनका निस्तारण कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा लेकिन हेल्प डेस्क पर कोई भी नजर नहीं आया और न हीं कोई स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी पहुंचा। हालांकि यूनिवर्सिटी के काउंटर पर आने वाले स्टूडेंट्स के लिए मास्क अनिवार्य किया गया है। आॅनलाइन कक्षाओं के लिए भी निर्देशित किया गया है। यूनिवर्सिटी के पंजीकृत संस्थानों में दूसरे, चौथे, छठवें और आठवें सेमेस्टर पाठ्यक्रम से संबंधित शिक्षण कार्य संस्थानों में न होकर ऑनलाइन संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति रहने और बाकी 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश कुलपति द्वारा दिए गए हैं। बता दें कि यूनिवर्सिटी एक मई से बंद है।
Published on:
20 May 2021 01:07 pm
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