
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने प्रोजेक्ट के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं एटा जिले के सकतपुर की 10 हेक्टेयर वन भूमि को संरक्षित घोषित करने की कार्रवाई अंतिम चरण में पहुंच गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 14 सितंबर 2022 को आगरा के टेड़ी बगिया से एटा के नूहखास तक एनएच-509 दो-लेन विद पैव्ड शोल्डर के निर्माण के लिए 685.51 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। यह 51.600 किलोमीटर लंबा राजमार्ग आगरा और एटा की सीमा के भीतर बनाया जाना था।
प्रोजेक्ट की शुरुआत के बाद एटा व आगरा में भूमि मुआवजा वितरण, पैमाइश और चिन्हांकन पूरा कर लिया गया था। निर्माण के दौरान TTZ (ताज ट्रैपेजियम जोन) में 3,874 पेड़ काटने की आवश्यकता पड़ी, जिसके लिए अनुमति सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने पेड़ काटने से पहले 38,740 पौधे लगाने के निर्देश दिए।
मामला दो जिलों से जुड़ा था। इस पर खेरागढ़ के सरेंधी में 4.9960 हेक्टेयर, फतेहाबाद के मड़ायना में 10.500 हेक्टेयर और सीकरी के उत्तू में 14.517 हेक्टेयर में पौधे लगाए। इसके साथ ही एटा के सकतपुर में 10 हेक्टेयर में पौधे रोपे गए। पौधे रोपने के बाद कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया। कोर्ट ने लगाए गए पौधों का सत्यापन सीईसी की टीम से कराया। टीम के सदस्यों ने धरातल पर निरीक्षण किया। अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने रोपे गए पौधों की भूमि को वन संरक्षित घोषित करने के निर्देश दिए।
नेशनल हाइवे के टेंडर को तीन साल पूर्ण होने पर टेंडर निरस्त हो गया। शासन ने विगत दिनों आगरा की सरेंधी, मड़ायना और उत्तू की भूमि को वन संरक्षित घोषित कर गजट कर दिया है। एटा की भूमि को संरक्षित करने की कार्रवाई अंतिम चरण में है। फाइल विधायकी से भाषा में भेज दी गई है। यहां से सीधे प्रिंट के लिए जाएगा। इधर, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। फइाल को आरओ के पास लखनऊ भेज दिया है।
Published on:
10 Jan 2026 09:30 am
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