
mulayam akhilesh shivpal
आगरा। समाजवादी पार्टी में लंबे समय से दरकिनार होने के बाद आखिरकार शिवपाल यादव ने बुधवार को समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के गठन का ऐलान कर दिया। शिवपाल की इस घोषणा से जहां उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है, वहीं सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को लेकर चाचा भतीजे के बीच खींचतान का सिलसिला शुरू हो गया है।
दरअसल बुधवार को समाजवादी सेक्युलर मोर्चे के गठन के बाद शिवपाल ने नेताजी मुलायम सिंह यादव को शामिल करने की बात कही थी। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी में मुलायम सिंह यादव को सम्मान नहीं मिल रहा है जिससे वे आहत हैं। जल्द ही मुलायम समाजवादी सेक्युलर मोर्चे में शामिल होंगे। इसके बाद सपा के प्रदेश प्रवक्ता की ओर से कहा गया कि शिवपाल यादव ने पार्टी को सेक्युलर का नाम दिया है और समाजवादी पार्टी पहले से सेक्युलर पार्टी है। यानी दोनों पार्टियां एक ही विचारधारा की हैं। ऐसे में दोनों साथ रह सकती हैं। वहीं मुलायम सिंह को लेकर उन्होंने कहा कि वे कहीं नहीं जाएंगे, उन्हीं के साथ रहेंगे।
मुलायम के जाने से सपा का होगा बड़ा नुकसान
जानकारों का मानना है कि यदि मुलायम सिंह यादव सपा को छोड़कर सेक्युलर मोर्चा में शामिल हो जाते हैं तो सपा को बड़ा नुकसान हो सकता है। पार्टी में कई बड़े नेता ऐसे हैं जो आज भी मुलायम से काफी लगाव रखते हैं। वे मुलायम के लिए समाजवादी पार्टी को छोड़ने में देर नहीं लगाएंगे। इससे आने वाले लोकसभा चुनावों में पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
Published on:
30 Aug 2018, 4:57 PM IST
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