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बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ देने की लगाई अर्जी, जानिए कौन है प्रखर गर्ग

बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए 510 करोड़ रुपये एकत्र कराने के लिए आगरा के बिल्डर प्रखर गर्ग ने हाईकोर्ट में अर्जी दी। इसके बाद से प्रखर गर्ग की एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। प्रखर पर धोखाधड़ी, चेक बाउंस व अन्य धाराओं में 22 केस दर्ज हैं।

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आगरा

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Prateek Pandey

Oct 08, 2023

Application made to give Rs 510 crore for Banke Bihari Corridor know who is Prakhar Garg

आरोपी बिल्डर प्रखर गर्ग को थाना हरीपर्वत पुलिस ने पिछले साल नवंबर में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, वहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी बिल्डर प्रखर गर्ग पर अधिवक्ता दम्पति अनुराग गुप्ता ने ढाई करोड़ रुपए हड़पने का आरोप लगाया था। मामले में उनकी पत्नी और भरतपुर हाउस कालोनी निवासी कारोबारी अरुण कुमार सोढ़ी एवं उनकी पत्नी को भी आरोपी बनाया गया था।


चेक बाउंस व अन्य धाराओं में 22 केस दर्ज
जानकारी के अनुसार आगरा पुलिस ने जब प्रखर गर्ग की कुंडली खंगाली तो उनके खिलाफ 22 मामले विचाराधीन मिले हैं। इसमें एक मामला धोखाधड़ी का तो 21 मामले एनआई एक्ट के हैं। वहीं, अपने आप को फंसता देख प्रखर गर्ग पहले ही अपने सुर बदल चुका है। आपको बता दें वृंदावन बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए 510 करोड़ एकत्र कराने की हाईकोर्ट में अर्जी देने वाले बिल्डर प्रखर गर्ग की सच्चाई शनिवार को पुलिस रिपोर्ट में सामने आई है। पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने एसएसपी मथुरा को प्रखर गर्ग का आपराधिक इतिहास भेजा है। जिसमें प्रखर पर धोखाधड़ी, चेक बाउंस व अन्य धाराओं में 22 केस दर्ज हैं।

करोड़ों रुपए की ठगी का है आरोपी प्रखर गर्ग
बाग फरजाना निवासी अनुराग गुप्ता ने 2021 में प्रखर गर्ग सहित 4 लोगों के खिलाफ थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी, साजिश का केस दर्ज कराया था। द्वारिकापुरम, कमला नगर निवासी प्रखर के विरुद्ध रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज कानपुर, बिजली कंपनी टोरंट पावर, जीवनदायिनी फार्मेसी शॉप के संजीव गोयल सहित 21 लोगों ने चेक बाउंस और अमानत में खयानत का मुकदमा न्यायालय के आदेश से दर्ज कराए हैं।
सभी मुकदमे पिछले तीन साल में दर्ज हुए हैं। आरोप है कि प्रखर गर्ग ने कई लोगों को होटल व अन्य संपत्तियां दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी की है।

बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ देने की दी है अर्जी
आगरा के कमला नगर निवासी कारोबारी प्रखर गर्ग ने हाईकोर्ट में बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपए देने की अर्जी दी है। अर्जी के बाद आगरा के कारोबारियों में तमाम तरह की बातें हैं। कोई इसे फेमस होने के लिए स्टंट बता रहा है तो कोई इसे व्यावसायिक दृष्टि से देख रहा है। वहीं, शासन और अधिकारियों की नजर भी प्रखर गर्ग की ओर टिक गई है।
हर कोई ये जानना चाह रहा है कि 510 करोड़ देने का दावा करने वाला शख्स है कौन ? मथुरा के एसएसपी ने आगरा पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर प्रखर गर्ग का आपराधिक इतिहास मांगा। आगरा पुलिस ने रिकॉर्ड खंगालकर 22 मुकदमे की सूची मथुरा एसएसपी को भेज दी है। आगरा पुलिस से प्रखर गर्ग के विरुद्ध दर्ज मुकदमों की जानकारी मांगी। जिसमें प्रखर गर्ग का आपराधिक इतिहास सामने आया। प्रखर गर्ग जेल भी जा चुका है।

एक अधिवक्ता ने आरोप लगाए थे कि उन्होंने व्यापार के लिए प्रखर को गर्ग को रुपए दिए थे। मुनाफा होने पर यह रकम आरोपी ने लौटाई नहीं। कई बार तगादा किया गया लेकिन आरोपी प्रखर हर बार कोई नया बहाना बनाकर अधिवक्ता को टहलाता रहा। रकम की एवज में प्रखर गर्ग ने जो चेक दिया था, वह बाउंस हो गया था।
बिल्डर पर करीब ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है। जमानत पर बाहर है, जिन लोगों के साथ रकम के लेनदेन में धोखाधड़ी हुई वह प्रखर गर्ग के घर से लेकर पुलिस थानों व अदालतों में चक्कर काट रहे हैं।
प्रमोद कुशवाहा की रिपोर्ट