Big Breaking: घूस लेते विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा, प्रोन्नत के लिए मांगी थी रिश्वत

Big Breaking: घूस लेते विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा, प्रोन्नत के लिए मांगी थी रिश्वत

Abhishek Saxena | Publish: Sep, 06 2018 07:12:52 PM (IST) Agra, Uttar Pradesh, India

शिक्षा विभाग में नहीं थम रहा भ्रष्टाचार, दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा क्लर्क

आगरा। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कभी एरियर निकालने के नाम पर हजारों रुपये की रिश्वत की डिमांड की जाती है तो कभी प्रोन्नत के लिए रिश्वत ली जाती है। कई बार विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों शिक्षा विभाग के क्लर्क और अधिकारियों को पकड़ा है। लेकिन, रिश्वत का चस्का ऐसा है कि किसी का भी डर नहीं है। गुरुवार को भी शिक्षा विभाग का एक बाबू विजिलेंस ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। टीम उसे पकड़कर अपने साथ ले गई है।


दस हजार रुपए की ली रिश्वत
राजा की मंडी चौराहे से विजिलेंस टीम ने क्लर्क को रंगे हाथ दबोचा। क्लर्क ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। गुरुवार को विजिलेंस टीम ने राजा की मंडी चौराहे से शिक्षक से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए बीएसए कार्यालय के क्लर्क सोबरन सिंह को पकड़ा। रिश्वत लेते ही सादा ड्रेस में खड़े विजिलेंस टीम ने आरोपी क्लर्क को पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। शमसाबाद ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक अजीत सहायक अध्यापक से प्रोन्नत होकर प्राधानाध्यापक बन गए हैं। लेकिन, उनका सैलरी में इन्क्रीमेंट नहीं लगा है। इसके लिए वे बीएसए कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। क्लर्क सोबरन सिंह ने इन्क्रीमेंट लगाने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। कई बार पैसों की डिमांड की गई। इसके लिए उन्होंने विजिलेंस टीम का सहारा लिया। विजिलेंस टीम को पूरी जानकारी दी गई। जिसके बाद विजिलेंस टीम ने क्लर्क को रंगे हाथ पकड़ने का जाल बिछाया। राजा की मंडी पर क्लर्क को बुलाकर बातचीत की गई। सूत्रों ने बताया कि क्लर्क ने बिना पैसों के काम करने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद शिक्षक ने उसे पैसे थमाए। क्लर्क को पैसे मिलते ही विजिलेंस की टीम ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से शिक्षक द्वारा दिए गए रुपये भी बरामद किए गए। टीम उसे पकड़कर अपने साथ ले गई है।

इससे पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले भी विजिलेंस की टीम ने 2 मई 2017 को आगारा के बीएसए कार्यालय के युवा वित्त एवं लेखा अधिकारी को विजिलेंस की टीम ने 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा था। विजिलेंस टीम द्वारा पकड़े गए वित्त एवं लेखा अधिकारी कन्हैया लाल सारस्वत, मीतीई, हाथरस का रहने वाला है। इसकी शिकायत शिक्षक दिनेश चाहर ने लखनऊ विजिलेंस टीम को की थी कि आगरा के बीएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखा अधिकारी कन्हैया लाल सारस्वत हर काम की रिश्वत लेते हैं। उनका कार्यालय दुकान की तरह है और पैसे के बिना शिक्षकों का एरियर, फंड सहित अन्य वित्तीय कार्य नहीं होते हैं। अधिकारी के साथ ही बाबू भी बेखौफ होकर रिश्वत ले रहे हैं। विजिलेंस टीम की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद वित्त अधिकारी को पकडने के लिए जाल विछाया गया।

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