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कीठम में भालुओं की मौज, देखिए कैसे

वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा सूर सरोवर बर्ड सेंचुरी कीठम में संचालित रेस्क्यू सेंटर में भालू मौज उड़ा रहे हैं। 

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Bhanu Pratap Singh

May 09, 2016

bear in Sur Sarovar Bird Sanctuary Kitham, agra

bear in Sur Sarovar Bird Sanctuary Kitham, agra

आगरा। वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा कीठम में संचालित रेस्क्यू सेंटर में भालू मौज उड़ा रहे हैं। तेज धूप में कूलर की हवा लेते हैं, वहीं सुहाने मौसम में जंगली पेड़ों के बीच मटरगश्ती करते हैं। न खाने की चिंता, न किसी से डर, पूरे दिन मौजमस्ती करना और अपनी मस्ती में मगन रहना, यही काम है इन भालुओं का। कभी पानी के तालाबों के किनारे बैठते, तो कभी एक दूसरे के साथ कूदते खेलते।

210 भालुओं का है कुनबा
सूर सरोवर बर्ड सेंचुरी कीठम में आगरा बीयर रेस्क्यू सेंटर में 210 भालू हैं। ये वे भालू हैं, जो कभी कलंदर की छड़ी के इशारे पर नाचते और झूमते थे। वहां इनके लिये बंदिश थी, लेकिन जब खुले आसमान के नीचे इन्हें आजादी मिली, तो जीने का आनंद दोगुना हो गया। कुछ भालू अपने बीते दिनों की याद को लेकर डरे सहमे रहते हैं, लेकिन धीरे धीरे वे यहां के माहौल में ढल रहे हैं। रेस्क्यू सेंटर के प्रोजेक्ट कंजरवेशन निदेशक बैजू राज ने बताया कि कोशिश की जा रही है कि इन भालुओं को उनकी मूल सोच या उस लाइफ से परिचत कराकर ढाल दिया जाये, जिस लाइफ को ये जंगल में जीते हैं।

भालुओं के लिए हर सुविधा है यहां
इस रेस्क्यू सेंटर में भालुओं के लिय हर प्रकार की सुविधा है। इनके घूमने फिरने पर कोई पाबंदी नहीं है। जहां मन करे वहां आ जा सकते हैं। इन भालुओं के लिए कमरे भी बनाये गये हैं, जिसमें कूलर लगाया गया है। इन कमरों में भी इनका फीडिंग यूनिट है, जहां सुबह, दोपहर और रात का भोजन इन्हें दिया जाता है। सुबह के खाने में चार प्रकार के अनाज, सब्जी से बना दलिया इन्हें परोसा जाता है। दोपहर के समय मौसम के फल, जैसे वर्तमान समय में सबसे अधिक तरबूज, ये फल भालुओं का पसंदीदा है और शाम के समय फिर से इन्हें दलिया दिया जाता है।

जमकर खेलते हैं भालू
इस रेस्क्यू सेंटर में भालू बेहद खुश हैं। इसका अंदाजा महज इस बात से लगाया जा सकता है, कि ये जमकर खेलते हैं। जंगल में इनके लिए खेलने का समान भी है, जैसे कई जगह फुटबॉल डाले गये हैं। बांस बल्लियों से पुल बनाये गये हैं। जहां पर ये भालू उछलते कूदते हैं। यदि म्यूजिक सुनने को मिल जाये, तो ये भालू जमकर झूमते भी हैं। आपस में मस्ती करने वाले इन भालुओं में प्रेम भी है। छोटी मोटी लड़ाई तो होती हैं, लेकिन बडे झगड़े इनके बीच नहीं होते हैं।

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