भारत के संविधान निर्माता डाॅ भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर भव्य शोभायात्रा निकाली जायेगी। जीवनी मंडी पर भीम नगरी का मुख्य मंच तैयार हो चुका है, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य के महल का रूप दिया गया है। भीमनगरी का शुभारम्भ 15 अप्रैल को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर द्वारा किया जायेगा। महल को अंतिम रूप देने का कार्य तेजी से चल रहा है।
मौर्य कालीन वास्तु कला के काष्ठ के माध्यम पर रची गई थी। लकड़ी की पाॅलिश करने की कला इस युग में इतनी विकसित थी, कि उस की चमक में अपना चेहरा देखा जा सकता था। चंन्द्रगुप्त मौर्य के महल में इसी कला का समावेश था। इसी महल को आधार बनाकर भीमनगरी में महल का निर्माण किया गया है। जहां लकड़ी की कारीगरी देखते ही बनती थी। 60 फीट ऊंचा बनने वाला यह महल सफेद है, जिसमें अत्याधुनिक लाइटिंग की गई है, जो रात के समय हर पल एक नये रंग में नजर आयेगा। छोटी से छोटी कला कृतियों पर सुंदर पाॅलिश की गई है, जो बेहद आकर्षक हैं।
भीम नगरी का आयोजन चार दिन तक चलेगा। इसकी शुरुआत 14 अप्रैल को डाॅ भीमराव अम्बेडकर की जन्म जयंती से होगी। 14 अप्रैल को विशाल शोभायात्रा निकाली जायेगी, जिसमें लाखों लोग सम्मलित होगें। यह यात्रा 100 किमी का पूरे शहर के विभिन्न स्थानों से होकर गुजरेगी। शोभायात्रा में विभिन्न झांकियों के साथ आर्टीफीशियल हाथी होंगें। 15 अप्रैल को भीम नगरी का उदघाटन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, 16 अप्रैल को बौद्ध पद्धति से सामूहिक विवाह समारोह व मेधावी सम्मान व 17 अप्रैल को अंतिम दिन कार्यकर्ता सम्मान, सांस्कृतिक समारोह और अगले वर्ष भीम नगरी कहां सजेगी, इसकी घोषणा होगी।