पीसी कटोच के इस गहन शोध परक कार्य को दिल्ली की नामचीन ऑथर्स प्रेस ने किया प्रकाशित।1410 पृष्ठ के दो खंडों में भारत के 185 अंग्रेजी कवि समाहित, इसके पांच पृष्ठ हैं 'राजीव खंडेलवाल' के नाम।
आगरा। सूर, मीर, गालिब, नजीर, नीरज और सोम दा की धरती ताज नगरी अब अंग्रेजी साहित्य के क्षेत्र में भी निरंतर चमकने लगी है। प्रेम, सौंदर्य और समकालीन भाव-बोध के अनूठे चितेरे व चार अंग्रेजी काव्य कृतियों के रचनाकार राजीव खंडेलवाल को समकालीन भारतीय अंग्रेजी कविता के इतिहास में गौरवपूर्ण स्थान मिला है।
मिला महत्वपूर्ण स्थान
पालमपुर, हिमाचल के वरिष्ठ अंग्रेजी साहित्यकार पीसी कटोच ने दो-तीन वर्ष की कड़ी मेहनत कर पूरे भारतवर्ष से सैकड़ों अंग्रेजी कवि खोजे, फिर पुस्तक प्रकाशन व गुणवत्तापूर्ण लेखन के आधार पर 185 कवियों को कुल 1410 पृष्ठीय दो खंडों में समाहित किया। इनमें से खंड दो के 104 कवियों में से एक हैं आगरा के विजय नगर कॉलोनी निवासी उद्यमी तथा वरिष्ठ कवि राजीव खंडेलवाल, जिनके लेखन पर समीक्षात्मक आलेख को प्रमुख ह्रदय स्पर्शी काव्यांशों सहित पृष्ठ 206 से पृष्ठ 210 तक स्थान दिया गया है। इस अनूठे व संग्रहणीय शोध कार्य को पुस्तक रूप में भारत के नामचीन प्रकाशक ऑथर्स प्रेस, दिल्ली ने प्रकाशित किया है।
इन कवियों को किया गया शामिल
राजीव खंडेलवाल के साथ इन खंडों में दर्ज अन्य भारतीय कवियों में विक्रम सेठ, प्रीतीश नंदी, जयंत महापात्रा, एआर रामानुजन, निसिम इजिकल, पी लाल, केकी एन दारूवाला, डॉम मॉरिस, अरविंद के मल्होत्रा, कमला दास व अरुण कोलाटकर प्रमुख रूप से शामिल हैं। बता दें कि राजीव खंडेलवाल वर्ष 1996 से काव्य लेखन कर रहे हैं। अब तक प्रकाशित आपकी चार काव्य कृतियों पर तीन आलोचनात्मक पुस्तकें लिखी जा चुकी हैं व चौथी प्रकाशन की प्रक्रिया में है।
मिला सम्मानजनक स्थान
अंग्रेजी कविता के इतिहास में राजीव खंडेलवाल को सम्मानजनक स्थान मिलने से ताज नगरी गौरवान्वित महसूस कर रही है। रीमार्किंग्स के संपादक, इंग्लिश लिटरेचर सोसायटी ऑफ आगरा (एल्सा) के संस्थापक व वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. एनके घोष, वरिष्ठ कवि- समीक्षक डॉ. आर एस तिवारी शिखरेश, कवि अनिल कुमार शर्मा, अजय खंडेलवाल, दीपक गुप्ता, सौरभ अग्रवाल, कुमार ललित, कमल आशिक, नूतन अग्रवाल ज्योति, इशिका बंसल व काव्या अग्रवाल ने राजीव खंडेलवाल की इस गौरवशाली उपलब्धि पर हर्ष जताया है।