21 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ताजमहल में शुक्रवार को महिलाओं का प्रवेश रोका जाए, देखें वीडियो

अश्वनी वशिष्ठ ने कहा- सिर्फ ताज की 500 मीटर की परिधि में रहने वाले पझ़ सकते हैं नमाज, मुख्य द्वार से प्रवेश न दिया जाए

3 min read
Google source verification
ताजमहल

ताजमहल

आगरा। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि ताजमहल में शुक्रवार को बाहरी मुस्लिम नमाज नहीं पढ़ सकते हैं। इस आदेश के खिलाफ ताजमहल मस्जिद प्रबंध समिति के अध्यक्ष इब्राहीम हुसैन जैदी ने पुनर्विचार याचिका प्रस्तुत करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के महानगर महामंत्री अश्वनी वशिष्ठ ने नमाज को लेकर एक बयान देकर सनसनी फैला दी है। उनका कहना है कि ताजमहल में नमाज के बहाने महिलाओं का प्रवेश तत्काल रोक जाए।

यह भी पढ़ें

ताजमहल में नमाज पढ़ने पर रोक

ताज के आसपास के लोग ही नमाज के हकदार

उनका कहना है कि ताजमहल मस्जिद में नमाज सिर्फ ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में रहने वाले मुस्लिम ही अदा कर सकते हैं। यह वह क्षेत्र है, जहां डीजल और पेट्रोल चालित वाहनों पर भी रोक लगी हुई है। यहां के लोगों के लिए संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने वाहन पास जारी किए हैं। नियमतः आगरा शहर के अन्य मोहल्लों में रहने वाले नमाज अदा नहीं कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें

ताजमहल में नमाज पढ़ने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद मस्जिद प्रबंधन समिति उठाएगी ये बड़ा कदम, देखें वीडियो

महिलाओं का प्रवेश क्यों

श्री वशिष्ठ ने कहा है कि ताजमहल मस्जिद में महिलाएं नमाज अदा नहीं करती हैं। इस्लाम में पुरुषों के साथ महिलाओं को नमाज अदा करने की मनाही है। इसका अनुपालन भी किया जाता है। फिर भी ताजमहल में शुक्रवार को नमाज के बहाने महिलाओं को प्रवेश दिलाया जाता है। इनमें शत प्रतिशत पर्यटक महिलाएं होती हैं। उद्देश्य एक मात्र है बाहरी लोगों को निःशुल्क ताजमहल दिखाना। उन्होंने मांग की है कि शुक्रवार को महिलाओं को प्रवेश तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें

ताजमहल पर अदा की गई ईद की नमाज, अमन-चैन की मांगी दुआ

बाहरी लोग यहां पढ़ें नमाज

भाजपा नेता अश्वनी वशिष्ठ का कहना है कि बाहरी लोगों का ताजमहल में नमाज पढ़ने का कोई औचित्य नहीं है। अगर वे भूले से शुक्रवार को ताजमहल आ जाते हैं, तो पूर्वी गेट पर काली मस्जिद और पश्चिमी गेट पर फतेहपुरी मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हैं। इन मस्जिदों में नियमित रूप से नमाज अदा की जाती है।

यह भी पढ़ें

ताजमहल में ऑस्ट्रिया की पर्यटक पर बंदरों का हमला

खान-ए-आलाम से दें प्रवेश

उन्होंने कहा कि ताजमहल में नमाजियों के लिए कोई भी मुख्य द्वार न खोला जाए। उनके लिए खान-ए-आलम नर्सरी की ओर गेट खोला जाए, जिससे रास्ता सीधे मस्जिद की ओर जाता है। इसी गेट से बाहर निकाला जाए। इससे सुरक्षा का झंझट भी कम होगा। ताजमहल के किसी अन्य द्वार से प्रवेश देते हैं तो फोरकोर्ट, रॉयल गेट, फौव्वारा, ताजमहल के सामने होते हुए मस्जिद तक जाते हैं। मुख्य बात तो मस्जिद तक जाने की है। उन्होंने बताया कि इस बारे में जिलाधिकारी रविकुमार एनजी और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को भी अवगत कराया जा रहा है।

यह भी पढ़ें

ताजमहल की पूरी कहानी और किस्से जो आपने कभी नहीं सुने होंगे