
Chaudhary udaybhan singh
आगरा।फतेहपुर सीकरी से भारतीय जनता पार्टी के विधायक चौधरी उदयभान सिंह इस समय कैराना लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को जिताने के लिए पसीना बहा रहे हैं। वे पिछले 20 दिन से शामली में हैं। जाटबहुल गांवों में पार्टी के लिए माहौल बना रहे हैं। 134 बूथों का दौरा करने के बाद उन्होंने पत्रिका से कहा कि भाजपा की जीत तय है। 50 हजार वोटों से चुनाव जीतेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दो गांवों में भाजपा को वोट कम मिलेंगे।
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पत्नी एम्स में भर्ती, फिर भी चुनाव प्रचार कर रहे
पार्टी के निर्देश पर चौधरी उदयभान सिंह चार मई से कैराना लोकसभा क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। उनकी पत्नी शांति देवी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली में भर्ती हैं। उन्हें कैंसर की शिकायत है। हाल ही में उनके दो भाइय़ों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद भी वे लगातार कैराना में जाटों के गांवों में घूम रहे हैं।
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हर बूथ पर 40-60 फीसदी जाट वोट भाजपा के लिए
चौधरी उदयभान सिंह ने फोन पर पत्रिका से कहा- इलेक्शन ने इतना जोर पकड़ लिया है कि मुसलमान के अलावा जाटव वोट भी भाजपा की तरफ आ रहा है। हिन्दू वोटर में से जाट वोट सर्वाधिक एग्रेसिव है। कोई भी बूथ ऐसा नहीं है, जिसमें 40-60 फीसदी जाटों के वोट न मिलें। दो गांव ऐसे हैं, जिनमें जाट वोट चौधरी अजित सिंह को अधिक मिलेग। ये हैं- भारसी औऱ बहावड़ी। इस बार कहीं भी कोई भी बूथ कैप्चर नहीं कर पाएगा। गूजर और कश्यप वोट 100 प्रतिशत भाजपा के पक्ष में है। वैश्य वोट नाराज है, लेकिन जो नाराजगी 10 दिन पहले थी, वो आज नहीं है। जो आज नहीं है, वो तीन दिन बाद खत्म हो जाएगी। शामली में जाम की स्थिति अधिक रहती है, जिसके निदान के लिए योजना बनाई गई है।
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70 गांवों में 134 बूथ देखे
उन्होंने बताया कि लोकद प्रत्याशी जाटव वोट को अपनी ओर मोड़ रहा है। यहां यह भी ध्यान रखना है कि 10-25 फीसदी जाटव वोट भाजपा को मिलने जा रहा है। गठबंधन का असर तो है, लेकिन इतना नहीं कि भाजपा प्रत्याशी को हरा दे। उन्होंने बताया कि 70 गांवों का दौरा कर लिया है। 134 बूथ खुद देखे हैं। बूथ स्तर पर भाजपा रणनीति बना रही है। शुक्रवार तक 140 बूथ हो जाएंगे।
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क्या दे रहे तर्क
चौधरी उदयभानसिंह ने बताया कि जाटों को समझा रहे हैं कि लोकदल के कारण देश में जाटों की लीडरशिप घटी है। लोकदल को ताकत देने का मतलब है मुस्लिमों को ताकत देना। भाजपा को ताकत देने का मतलब है जाट को ताकत देना और लोकदल की ताकत देने का मतलब है नॉन जाट को देना। विधानसभा में भाजपा ने 16 जाट बैठाए हैं। लोकदल के समय इतने जाट क्यों नहीं थे? अजित के लिए अपनी पूरी कौम को दांव पर न लगाएं। उन्होंने कहा कि लोगों की समझ में बात आ रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
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Published on:
24 May 2018, 2:25 PM IST
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