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देश की रक्षा में शहीद हुआ आगरा का बहादुर लाल

आतंकी घुसपैठ के बाद चल रहा था सर्च आॅपरेशन, पाक की फायरिंग में गई जवान की जान

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आगरा

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Abhishek Saxena

May 15, 2018

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आगरा। देश की रक्षा में एक और जवान की जान चली गई। आगरा का बहादुर लाल भारतमाता की सेवा करते हुए बलिदान हो गया। जवान की शहादत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन बेटे के शव आने का इंतजार कर रहे हैं। शहीद के घर सांत्वना देने वालों की भीड़ जुटी हुई है। शहीद जवान की तीन साल पहले शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं।

सीमा सुरक्षा बल की 173वीं बटालियन में थे देवेंद्र
थाना सिकंदरा के लखनपुर गांव निवासी नारायण सिंह के छोटे बेटे देवेंद्र बघेल पुत्र नारायण सिंह सीमा सुरक्षा बल की 173 वीं बटालियन में थे। देवेंद्र की तैनाती जम्मू में कठुआ जिले के हीरानगर भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर थी। सूत्र बताते हैं कि यहां सूचना मिली थी कि सीमा पार से आतंकी घुसपैठ कर रहे हैं। आतंकियों की घुसपैठ के बाद सर्च आॅपरेशन चलाया जा रहा था। इसी बीच पाकिस्तान की ओर से फायरिंग होने लगी। इस फायरिंग में सीमा सुरक्षा बल के जवान देवेंद्र सिंह घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन, उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। जम्मू में शहीद देवेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई।

देश की सेवा है परिवार
शहीद के पिता नारायण सिंह दो बेटे देश की सेवा में है। बड़ा बेटा देवी लाल केंद्रीय अर्धसैनिक बल में जवान हैं। वहीं, छोटे देवेंद्र सिंह का 2011 में सीमा सुरक्षा बल में चयन हुआ था। देवेंद्र बघेल की शादी तीन साल पहले आगरा के खंदौली के नगला हेता निवासी पिंकी से हुई थी। देवेंद्र के दो साल का बेटा धीरज और नौ महीने की बेटी ऋतिका हैं। पांच दिन बाद वह घर लौटकर आने वाले थे। बताया गया है कि डेढ़ महीने पहले कुछ दिन की छुट्टी लेकर जब देवेंद्र गए थे तब अपने बड़े बेटे की सालगिरह के लिए आने का वादा करके गए थे। उनके दो साल के बेटे धीरज का 25 मई को जन्मदिन है। देवेंद्र को बटालियन से छुटटी मिल गई थी और चार दिन बाद वे आगरा रवाना होने वाले थे। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था। अब उनका पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचेगा।