
जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में सिकंदरा थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी देवेंद्र बघेल शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन करने को ग्रामीण उमड़ पड़े।

लोगों में गुस्सा और गम था। उन्होंने पार्थिव शरीर देखते ही पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। शहीद का शव लेकर आए बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के अधिकारियों ने जब गांव वालों को देवेन्द्र की बहादुरी के बारे में बताया तो ग्रामीणों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।

शहीद देवेंद्र अमर रहें, के नारे भी लगाए जा रहे थे। ग्रामीण तमाम मांगों को लेकर शहीद के शव के साथ आगरा दिल्ली हाईवे पर आ गए। शास्त्रीपुरम फ्लाईओवर मोड़ के पास हाईवे जाम कर दिया। पांच घंटे से लोग हाईवे पर जमे हुए हैं।

शहीद देवेंद्र बीएसएफ के जवान थे और जम्मू में मंगूचक्क बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) पर घुसपैठियों को प्रवेश कराने के लिए पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हो गए थे। शहीद देवेंद्र ने गोली लगने के बाद भी घुसपैठियों को भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया।

देवेंद्र के शहीद होने की खबर मंगलवार को लखनपुर स्थित परिवारीजनों को मिली थी। बुधवार को शहीद का शव गांव लाए जाने से पहले ही भारी भीड़ थी। हर कोई शहीद के अंतिम दर्शन करना चाहता था।

शहीद के परिजनों ने मांग की है कि शहीद देवेंद्र के नाम पर पेट्रोल पम्प दिया जाए। शहीद के परिजनों को आवास उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के बड़े होने पर उन्हें सरकारी नौकरी दी जाए। गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखा जाए।

जिस स्थान पर शहीद की अंत्योष्टि की जाए, उस जगह को शहीद स्मारक माना जाए। शहीद स्मारक की तरह से उसका विकास किया जाए।