3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहीद के शव के साथ आगरा-दिल्ली हाईवे जाम

बीएसएफ के शहीद जवान देवेंद्र बघेल का शव गांव पहुंचा तो लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे

2 min read
Google source verification

आगरा

image

suchita mishra

May 16, 2018

jam

jam

आगरा। जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में सिकंदरा थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव निवासी देवेंद्र बघेल शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन करने को ग्रामीण उमड़ पड़े। लोगों में गुस्सा और गम था। उन्होंने पार्थिव शरीर देखते ही पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। शहीद का शव लेकर आए बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के अधिकारियों ने जब गांव वालों को देवेन्द्र की बहादुरी के बारे में बताया तो ग्रामीणों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। शहीद देवेंद्र अमर रहें, के नारे भी लगाए जा रहे थे। ग्रामीण तमाम मांगों को लेकर शहीद के शव के साथ आगरा दिल्ली हाईवे पर आ गए। शास्त्रीपुरम फ्लाईओवर मोड़ के पास हाईवे जाम कर दिया। पांच घंटे से लोग हाईवे पर जमे हुए हैं।

पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए
शहीद देवेंद्र बीएसएफ के जवान थे और जम्मू में मंगूचक्क बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) पर घुसपैठियों को प्रवेश कराने के लिए पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई फायरिंग में शहीद हो गए थे। शहीद देवेंद्र ने गोली लगने के बाद भी घुसपैठियों को भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। देवेंद्र के शहीद होने की खबर मंगलवार को लखनपुर स्थित परिवारीजनों को मिली थी। बुधवार को शहीद का शव गांव लाए जाने से पहले ही भारी भीड़ थी। हर कोई शहीद के अंतिम दर्शन करना चाहता था।

ये हैं मांगें
शहीद के परिजनों ने मांग की है कि शहीद देवेंद्र के नाम पर पेट्रोल पम्प दिया जाए। शहीद के परिजनों को आवास उपलब्ध कराया जाए। बच्चों के बड़े होने पर उन्हें सरकारी नौकरी दी जाए। गांव के सरकारी स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखा जाए। जिस स्थान पर शहीद की अंत्योष्टि की जाए, उस जगह को शहीद स्मारक माना जाए। शहीद स्मारक की तरह से उसका विकास किया जाए। भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री प्रशांत पौनिया ने बताया कि ग्रामीणों को समझाया जा रहा है। वे मौके पर हैं। चाहते हैं कि शहीद की अंत्येष्टि पूरे सम्मान के साथ हो।

बेटे के जन्मदिन पर 25 मई को आना था
बीएसएफ के शहीद हुए जवान देवेंद्र की हसरत अधूरी ही रह गई। उनके दो साल के बेटे धीरज का दूसरा जन्मदिन 25 मई को है। देवेंद्र ने परिजनों से कहा था कि वह इस बार बेटे का जन्मदिन धूमधाम से मनाएगा। उनकी छुट्टी भी मंजूर हो गई थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। परिजनों ने बताया कि देवेंद्र का परिजनों से काफी लगाव था। उसके जाने के गम ने सभी को तोड़ कर रख दिया है। पत्नी का तो बुरा हाल हो रहा है। परिजनों का कहना है कि बेटे के जाने का गम तो उन्हें जिंदगी भर रहेगा, लेकिन देश के लिए शहादत देने वाले बेटे की बहादुरी पर सीना हमेशा चौड़ा रहेगा।

Story Loader