आगरा के थाना डौकी पुलिस पर बलात्कार की शिकायत पर छेड़छाड़ का मुकदमा लिख आरोपी को थाने से छोड़ने का आरोप लगा है।
आगरा पुलिस पर कानून से खिलवाड़ करने का आरोप लगा है। पीड़ित का आरोप है की दलित युवती के घर में घुसकर बलात्कार के आरोपी को पकड़ने के बाद पुलिस ने 151 में चालान कर दिया, तो वहीं पीड़िता के पति को हवालात की सैर कराने के बाद तहरीर बदलवा कर छेड़छाड़ और एससीएसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि पुलिस पूरे मामले को कानूनन ठीक बता रही है।
थाना डौकी क्षेत्र के रहने वाले दलित युवक का आरोप है की 15 मार्च की सुबह वो कसरत करने जिम गया था। इसी दौरान गांव बरौली गुजर निवासी जीतू नामक युवक घर में घुस आया और उसकी पत्नी के साथ बलात्कार किया। आरोपी को उसने मौके से पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
उल्टा कराई हवालात की सैर
पीड़ित के अनुसार मामले की लिखित शिकायत करने के लिए जब वो पत्नी के साथ थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसे भी हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद अपने मन से तहरीर लिख कर उनसे दस्तखत करवा लिए। पीड़ित पढ़ा लिखा न होने के कारण कुछ समझ नहीं पाया। जब आरोपी को पुलिस ने छोड़ दिया तो उसको मामला समझ में आया। इसके बाद अभी तक पीड़िता के 164 के बयान भी नहीं कराए गए हैं।
मौके पर बनाया वीडियो
पीड़ित महिला के पति ने आरोपी को पुलिस के हवाले करते समय वीडियो बनाकर वायरल किया है । वायरल वीडियो में आरोपी के पैर उसके जूते की लेस से बंधे हुए हैं और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति महिला द्वारा युवक को खुद बुलाने की बात कह रहा है। पीड़िता का पति जवाब देते हुए कह रहा है की अगर पत्नी ने बुलाया है तो यह उसे ले जाए और शादी कर ले।
पीड़ित पति ने वीडियो वायरल कर लगाई गुहार
मामले में पीड़ित पति ने पत्नी के साथ खड़े होकर एक वीडियो बनाकर वायरल किया है। वीडियो में युवक बता रहा है की आरोपी उच्च जाति का है और इस कारण पत्नी के साथ बलात्कार के बाद भी पुलिस उसकी मदद कर रही है। पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस बता रही सब कानून के तहत हुआ
पूरे प्रकरण पर जब थाना डौकी प्रभारी के सीयूजी नंबर पर बात की गई तो उन्होंने बताया की आरोपी को 151 के तहत बंद किया गया था, जो मुकदमा दर्ज है उसमें गिरफ्तारी नहीं है। विवेचना में अगर युवक दोषी पाया जाएगा तो गिरफ्तारी की जायेगी।
पूरे मसले में अधिवक्ताओं का कहना है की पुलिस गैर जमानती मामलों में थाने से जमानत दे सकती है पर इसके लिए मुचलका आदि की कार्रवाई जरूरी है।