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6 साल पुरानी रील के कारण एक दिन में ही छोड़ना पड़ा थाना प्रभारी का पद, इंस्पेक्टर के साथ हुई थी मारपीट

Inspector leaves SHO post: आगरा में एक इंस्पेक्टर को रील वायरल होने के बाद अपना पद छोड़ना पड़ा और वह लंबी छुट्टी पर चली गई। मामला पद छोड़ने वाली इंस्पेक्टर के साथ हुई मारपीट से जुड़ा है। पुलिस कमिश्नर ने नई तैनाती कर दी है।

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महिला इंस्पेक्टर को छोड़ना पड़ा थाना प्रभारी का पद फोटो सोर्स- पत्रिका

फोटो सोर्स- पत्रिका

Inspector leave SHO post आगरा में 6 साल पहले बनी रील थाना प्रभारी को भारी पड़ गया। मारपीट की घटना के बाद हटाई गई थाना प्रभारी को 16 महीने बाद एक बार फिर थाना प्रभारी बनाया गया। लेकिन साजिश के तहत थाना प्रभारी की रील वायरल कर दी गई। जिसकी गूंज लखनऊ में भी सुनाई पड़ी। जिससे परेशान होकर थाना प्रभारी ने लंबी छुट्टी पर जाने का आवेदन किया और अपनी रवानगी करवा दी। पुलिस आयुक्त ने उनकी जगह नई नियुक्ति की है।‌ मामला मारपीट से जुड़ा हुआ था। जब मेरठ से आकर एक परिवार ने इंस्पेक्टर के साथ मारपीट की थी।‌ इस मामले में पुलिस कमिश्नर ने दो मुख्य आरक्षियों को निलंबित कर दिया था। जबकि दो दरोगा सहित 6 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया था। पुलिस सोशल मीडिया नियमावली के अनुसार पुलिसकर्मी अपना रील बनाकर वायरल नहीं कर सकता है।

इंस्पेक्टर शैली राणा लंबी छुट्टी पर गई

उत्तर प्रदेश के आगरा के मंटोला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर शैली राणा ने छुट्टी का प्रार्थना पत्र देकर अपनी रवानगी कर ली। जिन्हें 16 महीने बाद थाना प्रभारी का पद मिला था। चर्चा है कि इंस्पेक्टर शैली राणा के खिलाफ साजिश रची गई है। 3 अगस्त 2024 को मेरठ निवासी गीता नागर, उसका भाई ज्वाला सिंह, भाभी सोनिका और भतीजे दिग्विजय सिंह, अधिराज आदि ने सरकारी आवास के सामने मारपीट की थी। जिसका वीडियो भी बनाकर वायरल किया गया था।

गीता नागर का पति इंस्पेक्टर से आया था मिलने

मारपीट की घटना के समय इंस्पेक्टर शैली राणा के घर में गीता नागर का पति पवन कुमार मौजूद था। बताया जाता है कि इसकी जानकारी रकाबगंज थाना पुलिस से ही गीता नागर को मिली थी। इसके बाद मेरठ से सभी लोग शैली राणा के घर पर पहुंचे थे। उसके साथ मारपीट की गई थी। बताया जाता है।

इंस्पेक्टर की तहरीर पर दर्ज हुआ था मुकदमा

इस मामले में इंस्पेक्टर शैली राणा ने रकाबगंज थाने में तहरीर देकर हमला करने वालों के खिलाफ संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के समय कई पुलिस वाले भी खड़े थे। लेकिन किसी ने बीच बचाव करने की कोशिश नहीं की। पुलिस कमिश्नर ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन और लाइन हाजिर की कार्रवाई की।

मिशन शक्ति में अच्छा कार्य करने का मिला था पुरस्कार

दूसरी तरफ इंस्पेक्टर शैली राणा को मिशन शक्ति में तैनाती दी गई। मिशन शक्ति में 16 महीने बाद उन्हें फिर 13 जनवरी को मंटोला का थाना प्रभारी बनाया गया। साजिश रचने वालों ने 14 जनवरी को इंस्टाग्राम की पुरानी रील को वायरल कर दिया और शीर्षक दिया, "विवादित इंस्पेक्टर थाना कैसे चला सकते हैं?" इसकी जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर शैली राणा ने लंबी छुट्टी का आवेदन देकर अपनी रवानगी करवा ली। दूसरी तरफ पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र को मंटोला का थाना प्रभारी बनाया है। ‌

चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश

दूसरी तरफ 16 महीने पहले हुई मारपीट की घटना में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। मामले में पुलिस कमिश्नर ने जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में एक दरोगा और सिपाही को भी आरोपी बनाए जाने की चर्चा है। ‌

6 साल पुरानी रील को किया गया वायरल

पुलिस को दिए बयान में इंस्पेक्टर शैली राणा ने बताया कि रील 6 साल पुरानी है और रील उनके इंस्टाग्राम के प्राइवेट अकाउंट में मौजूद थी। जिसे हर कोई नहीं देख सकता था। पहले भी साजिश के तहत रील्स को वायरल किया गया और 16 महीने बाद चार्जशीट मिलने पर फिर साजिश रची गई। उसके साथ मारपीट की गई और वह पीड़िता है, लेकिन उसे आरोपी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक सभी आरोपी पकड़े नहीं गए और चार्जशीट भी नहीं लगी है। ‌