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एक ऐसा गीत जिसने बना दिया विधायक, देखें वीडियो

बदन सिंह चार बार विधायक रहे, पांचवां हारे, छठी बार में ये गीत काम आया

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Dhirendra yadav

Jan 12, 2017

Chaudhary badan singh

Chaudhary badan singh

आगरा। लागातार चार बार विधायक रहे, लेकिन पांचवीं बार चुनाव हार गए। इसके बाद छठवीं बार चुनाव मैदान में फिर आए, जीत की उम्मीद थी, लेकिन इस उम्मीद को पंख दिए एक गाने ने। इस गाने की लहर कुछ इस कदर चली, कि विरोधियों के होश उड़ गए। बच्चे, बूढ़े, जवान और महिलाओं की जुबान पर ये गीत था। मतदान हुआ, तो इस गीत ने करिश्मा दिखाया और फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से चौधरी बदन सिंह पांचवीं बार विधायक बने।

चार बार बने लगातार विधायक
चौधरी चरण सिंह को आदर्श मानने वाले चौधरी बदन सिंह फतेहपुर सीकरी विधानसभा से 1977 में सातवीं विधानसभा के लिए जनता ने चुनकर भेजे। इसके बाद आठवीं विधानसभा में वे जेपीएस से 1980 में चुनाव जीते। नवीं विधानसभा में लोकदल से चुनाव मैदान में उतरे और जीत दर्ज की। इसके बाद जनता दल से 1989 में फिर चुनाव लड़े और जीत दर्ज की। लगातार चार बार विधायक बनने के बाद 1991 का चुनाव वे चंद मतों से हार गए, लेकिन वे टूट नहीं, बल्कि अगले चुनाव के लिए तैयारी शुरू कर दी।

1993 में चली गाने की लहर
चौधरी बदन सिंह ने बताया कि उनके द्वारा अपने विधानसभा में जो विकास कार्य कराए गए, उन्हें लोग आज भी याद करते हैं, लेकिन 1991 का चुनाव वे हार गए थे। चार बार की विधायकी में उन्होंने क्षेत्र में अपने काम के बल पर अच्छी पहचान बनाई थी, लेकिन 1993 में जब वे बीजेपी की टिकट से फतेहपुर सीकरी विधानसभा के मैदान में एक बार फिर आए, तो एक गाना बनाया गया। गाने के बोल थे चिंता मत कर देवरिया, तौ नांच नांच वोट दूगीं, तूने हमारी प्यास बुझाई, तो एमएलए बनवाऊंगी। लखनऊ पहुंचाऊंगी। इस गीत ने हार जीत का खेल ही बदल दिया। असर कुछ ऐसा हुआ कि 1993 के इस चुनाव में भारी बहुमत से चौधरी बदन सिंह ने जीत दर्ज की।

देखें वीडियो -


ये गीत आज भी गुनगुनाते हैं बदन सिंह
चौधरी बदन सिंह ने बताया कि आज भी जब मौका मिलता है, तो वे ये गीत जरूर गुनगुनाते हैं। कारण है इस गीत ने उनका पांचवी बार विधायक बनने का सपना पूरा किया। उन्होंने बताया कि उनका इस क्षेत्र से दिल से लगाव था, यही कारण था, कि विधानसभा में ऐसा कोई गांव नहीं था, जहां की उन्हें सूक्ष्म से सूक्ष्म जानकारी न हो। किस के पास कितनी जमीन है। किसके घर में कितने जानवर हैं। कितने जानवर दूध दे रहे हैं, कितने जानवरी दूध नहीं देते हैं, उन्हें सारी जानकारी थी।

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