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सड़क पर सड़ रहा सब्जियों का राजा आलू, हजारों कुंतल फेंका

सड़क किनारे फेंके गया आलू ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। चारों ओर बदबू फैल रही है।

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आगरा

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Mukesh Kumar

Dec 26, 2017

Potato farmers

Potato farmers

आगरा। सब्जियों के राजा आलू के बुरे दिन चल रहे हैं। कोल्ड स्टोरेज वाले आलू को फेंक रहे हैं। बरौली अहीर विकास खंड के दिगनेर गांव में सड़क किनारे खेतों में आलू फेंका गया है। इसके कारण ग्रामीणों और सड़क पर चलने वाले लोगों के लिये मुसीबत बन गया है। खुले में आलू सड़ रहा है। दूर - दूर तक बदबू फैल रही है।

भाव गिरने से बेकदरी
ग्रामीणों की सूचना पर भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह चाहर दिगनेर पहुंचे। जिला प्रशासन से मांग की है कि खुले में आलू फेंकने वाले कोल्ड स्टोरेज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने कहा कि खुले में कोल्ड स्टोरेज वालों ने आलू फेंक दिया, जिसमें से अब बदबू फैल रही है। उन्होंने कहा कि आलू के भाव गिरने से आलू की बेकदरी हो गयी है। किसान बर्बाद हो गये।

डीएम के निर्देश को ठेंगा
श्री चाहर ने बताया कि जिलाधिकारी ने निर्देश दिये थे कि आलू को खुले में नहीं फेंका जाएगा, गड्ढा खोदकर दबाया जायेगा। ऐसा न करने पर आलू फेंकने वालो के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी दिगनेर में आलू खुले में फेंक दिया। आलू की दुर्गन्ध से बीमारियां फैलेंगी। गाय भैंस भी इस सड़े आलू को खाकर बीमार हो जाएंगे। श्री चाहर ने कहा है कि खुले में पडे आलू को गड्ढा खोदकर दबाया जाये ।

किसान संघ की मांग पर डार्क क्षेत्र समाप्त किए
दूसरी ओर, भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने उर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा द्वारा डार्क क्षेत्र को समाप्त किये जाने एवं किसानों को विद्युत कनेक्शन दिये जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किसान संघ की मांग पर सरकार ने ये संज्ञान लिया है। श्री चाहर ने बताया विगत माह उर्जा मंत्री दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय में दीनदयाल ज्योति भवन का उद्घाटन करने आगरा आये थे। उस समय किसान संघ ने बताया था कि आगरा में 15 ब्लॉकों में से 12 ब्लॉक डार्क क्षेत्र में हैं। मांग की थी कि डार्क क्षेत्र को श्वेत घोषित किया जाए। इससे पूर्व किसान संघ ने मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर डार्क क्षेत्र को समाप्त किये जाने की मांग की थी। र्क क्षेत्र में विद्युत कनेक्शन प्रतिबन्धित होते हैं। सिचाई के अभाव में हजारों बीघा भूमि बंजर रह जाती थी। सरकार ने किसान संघ की मांग को संज्ञान में लेते हुए आगरा सहित बृज प्रान्त को डार्क मुक्त कर दिया है। अब किसान अपना निजी नलकूप लगा सकेंगे।