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भारत बंद में हुए बवाल के बाद कहां चले गए दलित नेता, दिखते ही नहीं

पुलिस तलाश रही आगरा में हुई हिंसा के मुख्य गुनहगार। दो अप्रैल के बवाल के सरगना हुए नदारद
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आगरा

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Abhishek Saxena

Apr 11, 2018

bharat band

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आगरा। हाथों में पंचशील और नीला झंड़ा लिए लोगों ने कलेक्ट्रेट पर कब्जा किया था। वहीं शहर में जमकर तांडव मचाया था। आगरा पुलिस ने 29 लोगों को उपद्रव करने के जुर्म में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं पुलिस कॉल डिटेल के माध्यम से उपद्रव की साजिश रचने वालों की तलाश कर रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो ऐसे साजिशकर्ताओं की लिस्ट तैयार हो गई है। लेकिन, आंबेडकर जयंती के चलते इनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। वहीं ऐसे कई दलित नेता भूमिगत हो गए हैं, जिनकी पुलिस को तलाश है।

एक दिन पहले रची थी साजिश
सुप्रीम कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी ना हो, इसके लिए फैसला सुनाया था। जिसके बाद दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंद किया था। सूत्र बताते हैं कि एक अप्रैल को दलित बस्तियों में जाकर दलित नेताओं ने भारत बंद के दौरान हंगामा करने की साजिश रची थी। माना जा रहा है कि उसी दिन कई नेताओं ने उपद्रव करने वालों को साधन मुहैया कराए थे। दलित बस्तियों में हुई बैठक में दलितों को गुमराह किया गया। दलितों को आरक्षण खत्म करने की जानकारी दी गई। नाम उजागर न करने की शर्त पर एक दलित युवक ने बताया कि जिस दिन भारत बंद था। उस दिन उन्हें ये जानकारी दी गई कि सरकार आरक्षण खत्म कर रही है। भारत बंद सरकार के आरक्षण खत्म करने के लिए किया जा रहा है। उन्हें भड़काउ भाषण दिए गए थे। जब भारत बंद का प्रदर्शन किया जा रहा था, उसी दौरान कुछ उपद्रवी इस बंद में शामिल हो गए और पथराव करने लगे। जिसके बाद बवाल बढ़ गया। पुलिस ने इस मामले में चार हजार से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं अब तक 29 लोगों को विभिन्न धाराओं में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अधिकारी लगातार इस प्रकरण पर नजर बनाए हुए हैं। लेकिन, आंबेडकर जयंती के मद्देनजर अभी दलित नेताओं की गिरफ्तारी टल रही है ऐसा माना जा रहा है।