
Fake Currency in Agra: इसके पहले अक्टूबर 2022 में राजपुर चुंगी के पास एक जिम में पांच अभियुक्तों को पकड़ा गया था जो नकली नोट बना रहे थे। इनमें गैंग का मुखिया अवधेश भी था जो शमसाबाद का रहने वाला था। कागज और फोटोस्टेट की मदद से नकली नोट बनाए जा रहे थे। यह उसकी दूसरी गिरफ्तार थी।
आधे दाम पर खपाते थे फर्जी नोट
500 के नोट को कलर प्रिंटर से प्रिंट किया जाता था उसके बाद नोटों पर वाटरमार्क लगाया जाता था। इससे नकली नोट बिलकुल असली जैसा दिखता था। ये सभी नोट सप्लाइ करते वक्त बाजार में आधे दाम पर बेच दिया करते थे। इस मामले में आसिफ अली, सरताज और दानिश तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
दवा का काम करता है आसिफ
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इन सभी को पकड़ा तो सारे भेद खुल गए। उसने बहुत पहले उझानी में यूनानी डॉक्टर के साथ काम करना शुरू किया था और गांव में लोगों को दवा देना शुरू किया लेकिन ज्यादा कमाई के लालच में नोट छापकर सप्लाई करना चालू कर दिया।
सॉफ्टवेयर का माहिर है सरताज
गिरफ्तार हुए सरताज को अच्छी गुणवत्ता वाले जाली नोट छापने के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और जरुरी चीजों की अच्छी जानकारी थी। सरताज ने फर्जी नोटों को स्कैन करने और छापने के लिए हाईटेक सॉफ्टवेयर खरीदा था। दानिश वह छपाई के लिए कागज, स्याही और डाई सहित कच्चा माल खरीदता था।
Published on:
3 Jan 2024, 10:23 AM IST
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