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कोरोना की दहशत लोगों को दे रही मानसिक रोग, बढ़ा रही डिप्रेशन का खतरा

डॉक्टर के सुझाव को समझे बगैर लोग बरत रहे ज़रूरत से ज़्यादा सावधानी। किसी ने परिवार से बना ली बेवजह दूरी, तो किसी के हाथों में हो गए जख्म।

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आगरा

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suchita mishra

Apr 13, 2020

कोरोना की दहशत लोगों को दे रही मानसिक रोग, बढ़ा रही डिप्रेशन का खतरा

कोरोना की दहशत लोगों को दे रही मानसिक रोग, बढ़ा रही डिप्रेशन का खतरा

आगरा. कोरोना की दहशत लोगों के दिमाग में इस कदर बैठ गयी है कि वे डॉक्टर के निर्देशों को समझे बगैर ज़रूरत से ज़्यादा एहतियात बरत रहे हैं। किसी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है तो कोई बेवजह परिवार से दूरी बनाए हुए है। संक्रमण के डर से कुछ लोगों ने इतनी बार हाथ धोए कि उनके हाथों में ज़ख्म हो गए हैं।

ये लक्षण आ रहे सामने

मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास रोजाना ऐसे तमाम लोगों के फोन आ रहे हैं। ज़्यादातर लोग बार बार हाथ धोना, बेवजह बार बार मोबाइल, लैपटॉप व घर के दरवाजे साफ करना, हर समय इस वायरस से जुड़ी तमाम डरावनी बातें करने जैसी शिकायतें कर रहे हैं।

डिप्रेशन का बढ़ रहा खतरा

फोन पर आ रही शिकायतों को लेकर वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. यू सी गर्ग का कहना है कि बेवजह बार बार हाथ धोना, लैपटॉप, मोबाइल और दरवाजों को कई बार साफ करना, स्वस्थ परिजनों से भी जबरन दूरी बनाने जैसे लक्षण सावधानी नहीं, बल्कि मानसिक बीमारी के लक्षण हैं। इससे डिप्रेशन का खतरा बढ़ रहा है। ऐसा होने पर चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। ज़रूरत पड़ने पर काउंसलिंग कराएं।

इस तरह बरतें सावधानी

- किसी बाहरी के संपर्क में आने या बाहरी वस्तु को हाथ लगाने पर हाथ धोएं।
- घर में किसी को जुकाम, बुखार या खांसी है, तो उससे दूरी बनाएं।
- खुद को दूसरे कामों में व्यस्त रखें।
- कोरोना से जुड़ी बातें सिर्फ जानकारी भर के लिए जानें।
- संगीत, कला, पेंटिंग आदि पसंदीदा कार्यों में खुद को व्यस्त करें।
- लैपटॉप और मोबाइल किसी दूसरे के हाथ में न दें, यदि दिया है तो उसे अच्छे से साफ करके प्रयोग करें।