
diwali 2017
दीपों का त्योहार दीपावली आने में कुछ ही दिन शेष हैं। 19 अक्टूबर को दीपावली है। इस दिन घर—घर में माता लक्ष्मी के आगमन के जोरदार स्वागत के लिए कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो जाती हैं। दीपावली के दिन गणेश और लक्ष्मी माता की मूर्ति को स्थापित कर पूजन किया जाता है, इसके बाद ही दीपों से घर, पूजाघर, मंदिर आदि को सजाया जाता है। स्थापना के लिए हम कोई भी खूबसूरत सी माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर बाजार से ले आते हैं, लेकिन ज्योतिषाचार्य डॉ. अरबिंद मिश्र बताते हैं कि माता लक्ष्मी की विभिन्न प्रकार की मूर्तियों के अलग-अलग मायने होते हैं। ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि कौन सी मूर्ति क्या कहती है।
ऐरावत हाथी पर सवार माता की तस्वीर सबसे ज्यादा शुभ मानी जाती है। अगर इस तस्वीर में सिक्कों की बारिश हो रही हो तो इसके मायने और भी बढ़ जाते हैं। माना जाता है कि यदि ऐसी तस्वीर घर में लगाकर इसे रोजाना पूजा जाए तो परिवार में धन की कोई कमी नहीं रहती। यदि ऐरावत की सूंड में कलश दबा हुआ हो तो इसे बेहद शुभ माना जाता है क्योंकि कलश अपने आप में मंगल का प्रतीक है।
यदि ऐरावत हाथी वाली तस्वीर न मिले तो माता की कमल के आसन पर बैठी वाली तस्वीर लाएं। बैठी हुई लक्ष्मी को स्थिर लक्ष्मी माना जाता है। ऐसी तस्वीर की पूजा करने से माता हमेशा घर में निवास करती हैं।
यदि परिवार में सुख समृद्धि हमेशा बनाए रखनी है तो माता की तस्वीर नारायण के साथ लगाएं। नारायण के साथ माता लक्ष्मी पूर्ण मानी जाती हैं। इससे आपके परिवार पर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों की कृपा बनी रहेगी।
दीपावली पर मां लक्ष्मी को गणेश भगवान के साथ स्थापित कर पूजा जाता है। गणेश भगवान को लक्ष्मी मां के दाहिनी ओर ही बैठाएं क्योंकि माता के लिए गणेश पुत्र के समान हैं। बायीं ओर नारायण को स्थापित करें। या फिर पूजा के स्थान पर एक लक्ष्मी नारायण की साथ वाली तस्वीर भी लगा दें। इससे सुख, समृद्धि, सफलता हमेशा परिवार में बनी रहती है।
नारायण के साथ गरुड़ पर सवार माता की तस्वीर बेहद मंगलकारी है। मान्यता है कि माता लक्ष्मी जब भी विष्णु भगवान के साथ कहीं के लिए निकलती हैं तो गरुड़ पर सवार होती हैं।
इस तरह की तस्वीर लेने से बचें
उल्लू पर सवार तस्वीर न लाएं। इससे परिवार में नकारात्मकता आती है। इस तस्वीर के पूजन से पैसा तो आता है लेकिन वो शुभ नहीं होता। परिवार में लोगों को जुए, शराब आदि की लत लग सकती है। इसलिए ऐसी तस्वीर कभी न लाएं।
माता की खड़ी अवस्था वाली तस्वीर भी कभी न खरीदें। ऐसी लक्ष्मी को चलायमान माना जाता है। इसलिए हमेशा बैठी हुई तस्वीर लें। गणपति और सरस्वती माता के साथ बैठी तस्वीर भी ले सकते हैं।
Published on:
14 Oct 2017 11:11 am
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