इन चार मामलों में तीन युवक और एक युवती थी, जिन्हें शादी के उस बंधन में बांध दिया गया, जिसका शायद वे मतलब भी नहीं समझते थे। टीयर्स की निदेशिका ने इन मामलों में किसी का नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक एसबीआई बैंक के मैनेजर ने अपने पुत्र का विवाह गरीब घर की बेटी से किया। पैसे के बल पर शादी तो हुई, लेकिन जब शादी के बाद लड़की की इच्छायें पूरी न हो सकीं, तो वह अपने मां-बाप के घर चली गई। धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।