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भिखारी बच्चों की तकदीर बदल रहीं डॉ. हृदेश चौधरी ने patrika.com के माध्यम से की मार्मिक अपील, देखें वीडियो

-Dr hridesh chaudhary अपने घर में घुमंतू पाठशाला चला रही हैं-घूम-घूमकर ऐसे बच्चों को एकत्रित करती हैं जो स्कूल नहीं जाते-भीख मांगने वाली बच्ची रंजना के जीवन को उन्होंने नई दिशा दी है

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आगरा

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Dhirendra yadav

Jul 13, 2019

Dr hridesh chaudhary

Dr hridesh chaudhary

आगरा। सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका dr hridesh chaudhary का हृदय गरीब बच्चों के लिए धड़कता है। घुमंतू पाठशाला के माध्यम से ऐसे बच्चों को पढ़ा रही हैं, जो स्कूल नहीं जा पाते और भीख मांगते हैं। झुग्गी झोपड़ियों में जाकर बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं। सिकंदरा में अपने आवास पर घुमंतू पाठशाला चलाती हैं। उन्होंने भीख मांगने वाली बच्ची रंजना के जीवन को नई दिशा दी है। इस बारे में उन्होंने पत्रिका को अवगत कराया। इसे हम जस का तस प्रकाशित कर रहे हैं।

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कोलाज से शुरू की बात
इस कोलाज में आप सभी तीन तस्वीर देख रहे हैं। और बहुत कुछ आप खुद ही समझ गए होंगे। दूसरी तस्वीर में एक लड़की को आप काले घेरे में देख रहे हैं।करीब एक साल पहले पश्चिमपुरी चौराहा (सिकंदरा, आगरा) पर भीख मांगते देखा। मेरे पास भी भीख मांगने आई। मैंने लड़की से पढ़ने के लिए बोला। फिर उसकी मम्मी से मिलकर बात की। लड़की फिर पढ़ने के लिए आने लगी। तीसरी तस्वीर में वही लड़की (रंजना) एक साल पढ़ने के बाद आप देख रहे होंगे। देखिए कितना चेंज आया उसके जीवन में। बच्चों के हाथों में कलम होनी चाहिए न कि भीख का कटोरा। रंजना कम्पटीशन में पार्टिसिपेट भी करती है। इस बदलाव को देखकर मेरे दिल में बहुत संतुष्टि रहती है।

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फिर तीन बच्चों को लेकर आई
पहली तस्वीर में वही लड़की (रंजना) की मां कल मुझसे मिलने आई और हाथ जोड़कर कहने लगी कि मेरे तीन और बच्चे पढ़ा दीजिये। मुझे खुशी हुई कि एक ऐसी मां जो बच्चों को भीख मांगते हुए देखती थी, आज उसकी इच्छा है कि उसकी बड़ी लड़की रंजना की तरह उसके और तीनों बच्चे भी पढ़ें।

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patrika.com के माध्यम से अपील
मुझे खुशी होगी कि आप सभी का सहयोग मिले ऐसे बच्चों को शिक्षित करने के लिए। बच्चों की ड्रेस में, बुक्स में, बैग में, शूज में आपके द्वारा छोटी-छोटी कुछ भी हेल्प मिलेगी तो मेरा उत्साह और बढ़ जाता है। अपने शहर के बच्चे पढेंगे, शहर पूर्ण साक्षरता की तरफ बढ़ेगा। आप सभी की दुआएँ इन बच्चों के साथ हैं। पत्रिका डॉट कॉम, राजस्थान पत्रिका के माध्यम से मैं अपने शहवासियों से अपील करती हूं कि भीख मांगने वाले बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें।
(डॉ. हृदेश चौधरी आराधना संस्था की महासचिव और जाट क्षत्राणी सभा की अध्यक्ष भी हैं।)