
Drinking Water
आगरा। गंगाजल आ तो गया है, लेकिन जा कहां रहा है, इस सवाल का जवाब किसे के पास नहीं है। दावा तो ये किया जा रहा है कि आगरा के लिये प्रतिदिन 425 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। 200 एमएलडी पानी यमुना से प्राप्त हो रहा है, वहीं 375 एमएलडी गंगाजल जल संस्थान को मिल रहा है। इस प्रकार आवश्यकता से अधिक पानी जल संस्थान को मिल रहा है, फिर भी आगरा के शाहदरा क्षेत्र के लोग खरीद कर पानी पी रहे हैं।
शाहदरा में बुरे हैं हालात
शाहदरा में वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है। यहां जलसंस्थान की सप्लाई नहीं हो पा रही है। निजी टैंकरों से पानी आ रहा है, उनसे भी यहां के लोग पानी खरीद रहे हैं। इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता रमेश चंद चक खटीक ने आवाज उठाई है। रमेश चंद ने बताया कि प्रत्येक घर को 50 से लेकर 100 रुपये तक का पानी टैंकर से खरीदना पड़ता है। पानी भरते समय टैंकर पर इतनी भीड़ लग जाती है लगता है आपस में पानी के चक्कर में झगड़ा ना हो जाए।
गंगाजल वितरण की ये थी योजना
गंगाजल वितरण के लिये तीन चरण में कार्य योजना प्रस्तुत की थी। पहला जलकल विभाग अपनी वर्तमान वितरण व्यवस्था को गंगाजल वितरण के अनुरूप दुरस्त करले। दूसरा विभिन्न विभागों द्वारा आधी अधूरी तैयार की गई वितरण व्यवस्था को पूर्ण किया जाए और तीसरा जिन क्षेत्रों में जलकल विभाग की पेयजल वितरण व्यवस्था है ही नहीं, उनकी पीएफआर और डीपीआर बनवाकर, स्वीकृत कराकर पेयजल वितरण का प्रबंधन तैयार किया जाए।
ये कहते हैं यहां के लोग
पानी की समस्या शाहदरा ही नहीं, बल्कि पूरे एत्मादौला क्षेत्र में हैं। कुछ ऐरिया ऐसे हैं, जहां विकराल समस्या है, जिसका वर्षों से समाधान नहीं हो पा रहा है। सती नगर का ऐरिया भी इनमें से एक है, जहां पानी के लिये हत्या तक हो चुकी हैं। इन ऐरिया में निजी टैंकर पानी की सप्लाई कर रहे हैं। सती नगर के रहने वाले अनूप दुबे ने बताया कि पानी के लिये रोज राशन की दुकान की तरह लाइन लगानी पड़ती है।
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Published on:
23 Jun 2019 03:56 pm
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