फ्रैंडस पुरम के रहने वाले ब्रजेश कांत आजाद ने बताया कि होली के रंग रोज पहनने वाले रंग बिरंगे कपड़ों पर तो खिलकर आ ही नहीं पाते हैं। सफेद रंग का कुर्ता पजामा पहनो, फिर देखोो, कि होली के रंग किस तरह रंगेंगे। वहीं ऋषभ यादव का कहना है कुर्ता पजामा हमारा पारंपरिक परिधान का रूप है। इसे पहनने के बाद जब होली खेलते हैं, तो लगता भी है, कि होली खेली है। वरना तो आजकल होली एक घंटे की ही रह गई है।