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महाकवि गोपाल दास नीरज का त्रयोदशी संस्कार, एक बार फिर सामने आई परिवार की रार, दो जगह हो रहा कार्यक्रम

- आगरा और अलीगढ़ में हो रहे कार्यक्रम- महाकवि की प्रतिमा लगवाई जाएगी
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आगरा

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suchita mishra

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Updated: 1 Aug 2018, 11:48 AM IST

आगरा/अलीगढ़। पद्मभूषण, महाकवि गोपालदास नीरज का बुधवार को त्रयोदशी संस्कार है। खास बात यह है कि त्रयोदशी संस्कार दो शहरों में हो रहा है। आगरा और अलीगढ़ होगा। इससे साफ है कि नीरज के परिवार में विवाद है। नीरज की कार का कोई अता-पता न होने का आरोप भी लग चुका है। बताया जाता है कि नीरज को दो पत्नी थीं। 94 साल की उम्र में नीरज का देहांत दिल्ली एम्स में हुआ था। उनका अंतिम संस्कार अलीगढ़ में हुआ था। उससे पहले पार्थिव शरीर आगरा में अंतिम दर्शन के लिए लाया गया था।

आगरा में कार्यक्रम
आगरा में त्रयोदशी संस्कार 14 सरस्वती नगर, बल्केश्वर में होगा। यह उनके पुत्र अरस्तू प्रभाकर, मृगांक प्रभाकर, शशांक प्रभाकर, पुत्री कुंदनिका शर्मा और वीनस शर्मा की ओर से सोशल मीडिया पर जारी की गई है। आगरा के कवि और लेखक इसमें बड़ी संख्या में भाग लेंगे। सोशल मीडिया पर यह सूचना तेजी के साथ प्रसारित की जा रही है।

अलीगढ़ में कार्यक्रम
उधर, अलीगढ़ में त्रयोदशी संस्कार नीरज के आवास जनकपुरी पर होगा। ब्रह्मभोज भी कराया जाएगा। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता त्रयोदशी संस्कार में आ सकते हैं। अशोक सक्सेना और राकेश सक्सेना का कहना है कि ब्रह्मभोज में नीरज के रिश्तेदार और परिचित भी आएंगे।

श्रद्धांजलि सभा शाम को
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल ने बताया कि महाकवि नीरज अलीगढ़ की शान हैं। त्रयोदशी के मौके पर विशेष श्रद्धांजलि सभा एक अगस्त को धर्मपुर कोर्टयार्ड मैरिस रोड पर शाम चार बजे से होगी। इसमें हर किसी को आमंत्रित किया गया है। कवि और साहित्यकारों के बड़ी संख्या में आने की उम्मीद है।

प्रतिमा स्थापित कराएंगे
विवेक बंसल ने बताया कि महाकवि गोपालदास नीरज की शहर में प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी। लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय तथा नुमाइश मैदान स्थित नीरज-शहरयार पार्क में प्रतिमा स्थापना का प्रयास है, ताकि उनकी याद सदैव बनी रहे। वैसे जब तक गीत हैं, तब तक नीरज को भुलाया नहीं जा सकता है।

अंजना सिंह ने किया याद
इस बीच अलीगढ़ के जिलाधिकारी चन्द्रभूषण सिंह की पत्नी और कवयित्री डॉ. अंजना सिंह सेगर ने बताया कि नीरज जी ने उनकी एक किताब मन के पंख का विमोचन किया था। नीरज ने उन्हें कई बार आशीर्वाद दिया है। दिल्ली में भी उन्हें याद किया गया।

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