अभी तक शासन और प्रशासन की तरफ से कोई भी किसानों से मिलने नहीं आया है। इसे लेकर किसानों में काफी आक्रोश है।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आगरा। कीठम से भांडई तक बाईपास रेल लाइन निकलने के विरोध में कस्बा मिढ़ाकुर के पास स्थित नानपुर मोड़ पर किसानों का धरना 19वे जारी रहा। आठ दिन पूर्व धरने पर बैठे एक किसान की तबीयत बिगड़ गई थी। स्वजन उसे इलाज के लिए आगरा के कई निजी अस्पतालों में ले गए। लेकिन किसान की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ है। सोमवार को चिकित्सकों ने किसान के परिजनों को इलाज के लिए दिल्ली या जयपुर ले जाने का परामर्श दिया है।
स्वास्थ्य में नहीं हो रहा कोई सुधार
बाईपास रेल लाइन संघर्ष समिति के संयोजक चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि तहसील किरावली के गांव भिलावटी निवासी गौरीशंकर सारस्वत 67 वर्ष पुत्र बाबूलाल की को धरने पर बैठे हुए थे।आठ दिन पूर्व अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। वे धरना स्थल पर ही बेहोश हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही किसान के स्वजन मौके पर आ गए। वे तत्काल गौरीशंकर को इलाज के लिए आगरा के निजी अस्पताल में ले गए। दो अस्पतालों में इलाज कराने के बाद अब बीमार किसान तीसरे अस्पताल में भर्ती है। लेकिन किसान के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा है। सोमवार को चिकित्सकों ने बीमार किसान के स्वजनों से किसान को इलाज के लिए दिल्ली या जयपुर ले जाने की सलाह दी है।
दो किसानों की हो चुकी है मौत
चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि पूर्व में गांव भिलावटी निवासी धरनारत किसान राधेश्याम 73 वर्ष पुत्र बाबूलाल निवासी की मौत हो चुकी है। वहीं गांव कुकथला निवासी किशन सिंह 57 वर्ष पुत्र बांकेलाल की जमीन जाने के डर से सदमे में जान चली गई है। गर्मी में धरना प्रदर्शन की वजह से लू लग जाने के कारण दो किसानों की तबीयत खराब हो गई है। उनका घर पर इलाज चल रहा है। इसके बाद भी शासन और प्रशासन की तरफ से कोई भी किसानों की समस्या को सुनने तक नहीं आया है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है।
ये रहे मौजूद
धरने में लखन, दर्याव सिंह, मुकेश नरवार, भूरा, अमर सिंह वर्मा, थान सिंह, भगवान दास, बनवारी लाल, बाबूलाल बाल्मिकी, रतन सिंह कुशवाह, दीवान सिंह, रामवीर सिंह, हरिओम आदि किसान मौजूद रहे।