पेड़ों की गिनती करने आये थे रेलवे कर्मचारी, किसानों ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आगरा। कीठम से भांडई तक बाईपास रेल लाइन निकलने के विरोध में किसान मिढ़ाकुर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। शानिवार को किसानों को जानकारी हुई कि रेलवे कर्मचारी क्षेत्र के फलदार एवं छायादार पेड़ों की गिनती कर रहे हैं। इस पर किसान रेलवे कर्मचारियों को धरना स्थल पर ले आए। जहां पर किसानों ने उन्हें बंधक बना लिया। उच्चधिकारियों से वार्ता करने के बाद दो घंटे बाद छोड़ दिया।
रेलवे इंजीनियर को बनाया बंधक
बाईपास रेल लाइन विरोध संघर्ष समिति के संयोजक चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर एक बजे रेलवे इंजीनियर आवेद अहमद व अमीन भूमि अध्याप्ति जयप्रकाश क्षेत्र में फलदार एवं छायादार पेड़ों की गिनती कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही धरनारत किसान वहां पर पहुंच गए। किसानों ने कर्मचारियों को कार्य करने से रोक दिया। जिसके बाद वे कर्मचारियों को धरनास्थल पर ले आये। किसानों ने रेलवे इंजीनियर और अमीन को बंधक बना लिया।
उच्चाधिकारियों से वार्त करने के बाद छोड़ा
रेलवे इंजीनियर आवेद अहमद ने किसानों की वार्ता अपने फोन से रेलवे के उच्चाधिकारियों से कराई। अधिकारियों की बात से संतुष्ट होने के बाद किसानों ने रेलवे कर्मचारियों को दोपहर तीन बजे छोड़ दिया। जिसके बाद कर्मचारी आगरा चले गए।
कभी भी उग्र रूप ले सकते हैं किसान
किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि पूर्व में दो किसानों की जमीन जाने के डर से सदमे में मौत हो चुकी है। दो किसान धरने बीमार हो गए हैं। जिसमें से एक किसान गांव भिलावटी निवासी गौरीशंकर सारस्वत पुत्र बाबूलाल की हालत नाजुक बनी हुई है। जिसका आगरा में एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों कोई सुनवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की अनदेखी के कारण किसान कभी भी उग्र रूप ले सकते हैं।
ये रहे मौजूद
इस दौरान महेशचंद शर्मा, जगन सिंह, हरप्रसाद सारस्वत, लखन सिंह, मुकेश नरवार, जगन सिंह, दर्याब सिंह, दिगम्बर सिंह, भूरा, बाबू लाल, गोपाल सिंह आदि किसान मौजूद रहे।