
किसानों को यदि उत्पादन क्षमता बढ़ानी है, तो करना होगा ये काम
आगरा। जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में जमीन की कमी होती जा रही है। अब किसानों को जरूरत है, कि कम जमीन में उत्पादन बढ़ाया जाए। उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को मृदा परीक्षण कराना आवश्यक है। ये कहना था कमिश्नर के राम मोहन राव का। आगरा व अलीगढ़ मण्डल की मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2018 में कमिश्नर ने आलू प्रोसेसिंग प्लान्ट लगाने को आवश्यक बताया तथा उपस्थित किसानों से अपील की कि उन्होंने गोष्ठी में जो तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया है, उससे गांव व आस-पास के किसानों को भी अवगत कराएं।
जल संरक्षण पर डाला प्रकाश
कमिश्नर केराम मोहन राव ने खेत-तालाब योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे पानी के संरक्षण के साथ ही साथ जल स्तर भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि के सामने सीमित जमीन से अधिक से अधिक उत्पादन लिए जाने के फलस्वरूप मिट्टी की उर्वरा क्षमता में कमी आयी है। जिसके लिए मृदा परीक्षण आवश्यक है। उन्होंने कृषि में गोबर व हरी खाद को बढ़ावा देने पर बल दिया। आयुक्त अलीगढ़ अजय दीप सिंह ने गोष्ठी में कहा कि अलीगढ़ मण्डल में खरीफ उत्पादकता की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होने स्प्रिंकलर के प्रयोग पर विशेष बल दिया।
ये बोलीं कुषि निदेशक
कृषि निदेशक सोराज सिंह ने गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए खेत तालाब योजना को इस क्षेत्र के लिए अत्यन्त ही महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तालाब के माध्यम से कृषि में वर्षा के पानी के उपयोग से कृषि के लिए खारा पानी का निदान हो सकता है। उन्होंने मूंग आदि दलहनी फसलों की खेती में आवारा व छूट्टा पशुओं से बचाव हेतु तिल बोने की भी सलाह दी। गोष्ठी को जिलाधिकारी आगरा गौरव दयाल, जिलाधिकारी मथुरा सर्वज्ञराम मिश्र, जिलाधिकारी फिरोजाबाद नेहा शर्मा तथा जिलाधिकारी मैनपुरी प्रदीप कुमार सहित जिलाधिकारी एटा , जिलाधिकारी कासगंज तथा मुख्य विकास अधिकारी अलीगढ़ आदि लोगों ने सम्बोधित करते हुए जनपदों में की गई खरीफ उत्पादकता की तैयारियां पूर्ण होने तथा कृषि निवेश की सभी व्यवस्थायें कर लेने के संबंध में अवगत कराया गया।
Published on:
03 Jun 2018 09:46 am
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