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डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने किए ऐसे काम कि पूरे देश में बढ़ी आगरा की शान

- फोग्सी के एक वर्ष के कार्यकाल में महिला स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण के मुद्दे को दी नई दिशा- भारत में महिला स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं पर विचार करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार से की सिफारिश

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dr jaideep malhotra

dr jaideep malhotra

आगरा। एक डॉक्टर होने के नाते उनका काम अपने मरीज की देखभाल और उसका अच्छा स्वास्थ्य होना चाहिए, लेकिन डॉ. जयदीप मल्होत्रा की सोच उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिकल एंड गायनेलॉजिकल सोसायटी आऑफ इंडिया (फोग्सी) की अध्यक्ष रहते हुए डॉ. जयदीप ने न सिर्फ शहर का मान बढ़ाया बल्कि महिला स्वास्थ्य के इस दायरे को महिला सम्मान और सशक्तिकरण तक ले पहुंची हैं। अब उनके इसी काम को मुंबई की डॉ. नंदिता पल्सेत्कर आगे बढ़ाएंगी। बंगलुरू में 8 से 11 जनवरी तक आयोजित 62वीं ऑल इंडिया कांग्रेस ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी ‘एआईसीओजी-2019‘ में देशभर के स्त्री रोग विशेषज्ञों ने उन्हें पूरे मान-सम्मान के साथ फोग्सी के अध्यक्ष पद से गौरवपूर्ण विदाई दी। सम्मेलन के दौरान बतौर मुख्य अतिथि आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रवि शंकर ने बीते एक वर्ष में फोग्सी द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की।

आगरा में जोशीला स्वागत

शनिवार को आगरा वापस लौटने पर आगरा में रेनबो हॉस्पिटल में भी उनका बेहद जोशीले अंदाज स्वागत किया गया। आगरा में आयोजित इस सम्मान समारोह में डॉ. जयदीप की उपलब्धियां गिनाते हुए वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण के साथ ही समाज को प्रभावित करने वाले सामाजिक मुद्दों पर बीते एक वर्ष उन्होंने न सिर्फ काम किया बल्कि कई योजनाओं को धरातल पर उतारा। संस्थान के सीनियर डॉक्टर्स एवं फैकल्टी ने डा. जयदीप की उपलब्धियों को शहर का मान बढ़ाने वाला बताया। इस अवसर पर रेनबो ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आरएम मल्होत्रा, निदेशक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, डॉ. आरसी मिश्रा, डॉ. अनूप खरे, डॉ. राजीव लोचन शर्मा, डॉ. केशव मल्होत्रा, डॉ. विनय तिवारी, डॉ. शैमी बंसल, डॉ. शैली गुप्ता, डॉ. विश्वदीपक, आनंद अग्रवाल, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. सोनल भार्गव, राकेश आहूजा, सुदीप पुरी, अमृतपाल सिंह चड्ढा, लवकेश गौतम, केशवेंद्र सिसौदिया, जगमोहन गोयल, विश्वदीपक, नवनीत उपाध्याय, धर्मेंद्र, मनोज आदि मौजूद थे।

महिला स्वास्थ्य के दायरे को ऐसे बढ़ाया आगे
डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने वर्ष भर की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कहा कि ‘पंख और परवाज दो, नारी को आकाश दो’ की थीम के साथ इस बीते वर्ष में फोग्सी ने महिला स्वास्थ्य तक सीमित दायरे को महिला सम्मान और सशक्तिकरण तक लाने का प्रयास किया। चिकित्सा क्षेत्र और डॉक्टरों का सम्मान बनाए रखने के लिए उन्होंने गुणवत्ता, नैतिकता और गौरव (क्यू.ई.डी) पर अमल करने की बात कही। डॉ. जयदीप ने कहा कि ‘अद्भुत मातृत्व’ एक ऐसा इनीशिएटिव शुरू किया गया जो न सिर्फ एक स्वस्थ, सुखी, बुद्धिमान, तेजस्वी और संस्कारवान संतान प्राप्त करने बल्कि समृद्ध भारत का निर्माण करने के लिए है। ‘अक्षया जीवन’ योजना के तहत सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए महिलाओं और किशोरियों का टीकाकरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान से जुड़ते हुए फोग्सी द्वारा डॉक्टरों के लिए एक ‘हेल्थ ई इंडिया’ ऐप लॉन्च किया गया है। इस ईएमआर एप के जरिए मेडिकल रिकॉर्ड्स को सुरक्षित रखा जा सकता है। ‘समर्थ’ एक ऐसा प्रोग्राम है जो पैरामेडिकल स्टाफ के कौशल को निखारने का प्रयास करेगा। इसके अलावा फोग्सी ने कील यूनिवर्सिटी लंदन के साथ मिलकर हेल्थ इकोनोमिक्स ट्रांसर्फोर्मेशनल लीडरशिप एंड कॉलेबरोटिव मैनेजमेंट ‘हैल्म’ की शुरूआत की, जो युवा गायनेकोलॉजिस्ट को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए है।

उल्लेखनीय काम

फोग्सी ने पीसीपीएनडीटी एक्ट, एआरटी बिल, सेरोगेसी बिल, ऑक्सीटोसिन रिटेल बैन इश्यू, सीजेरियन सैक्शन, मोबाइल वॉयलेंस, कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल, मोडिफिकेशन इन क्लीनिकल एस्टेबिलशमेंट बिल, जीएसटी ऑन सैनेटरी पैड, अबॉर्शन्स, फैमिली प्लानिंग, गर्भनिरोधक, री इंबर्समेंट ऑफ आयुष्मान भारत, रिवाइजिंग द क्युरिकलम ऑफ ऑब्स एंड गायनीकोलॉजी, पीपीपी लिंकिंग, लिंकिंग ऑफ अदभुत मातृत्व विद पीएमएसएसए, आयुष्मान भारत के लिए मान्यता सेंटरों का चुनाव स्वीकार करना आदि जैसे तमाम मुद्दों पर सरकार से संसोधन और पुनर्विचार की सिफारिश की।

फिल्मों से समाज को झकझोरा

फोग्सी फोकस, दिल से दिल तक, टाइम्स ऑफ गायनेकोलॉजी, गाइडलाइन्स, चेक लिस्ट न्यूज लैटर रिलीज किए, जिनका जुड़ाव सीधा जनता से है। इंफाल के एक गांव को कुछ धनराशि रिलीज की गई ताकि वहां स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा सके। महिला स्वास्थ्य, गर्भनिरोधकों के सही इस्तेमाल, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे मुद्दों पर गली में धाक, मेरी मर्जी सरीखी शॉर्ट फिल्में रिलीज की गईं, जो समाज को झकझोरने के लिए हैं। लखनऊ में अनुपमा फाउंडेशन के साथ मिलकर कन्या भ्रूण हत्या के मुद्दे पर एक कोशिश कार्यशाला आयोजित की गई। फोग्सी ने स्वास्थ्य और सेवा से जुड़े तमाम मुद्दों पर खुद को राज्य, केंद्र सरकारों, डब्ल्यूएचओ, नीति आयोग और स्वास्थ्य मंत्रालय के सामने मजबूती से पेश किया।

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