
आगरा। अप्रैल, 2020 में होने वाले एमएलसी स्नातक और एमएलसी शिक्षक चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। वोटर बनाने का अभियान शुरू हो चुका है। एमएलसी स्नातक और एमएलसी शिक्षक चुनाव में आम मतदाता वोट नहीं दे सकता है। इस चुनाव के लिए विशेष मतदाता होते हैं। वहीं आगरा परिक्षेत्र में 12 जिलों के मतदाता हिस्सा लेंगे।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल ये चुनाव
आगरा परिक्षेत्र की स्नातक सीट पर भाजपा किसी भी तरह कब्जा करना चाहती है। अभी इस सीट पर सपा के असीम यादव का कब्जा है। इस सीट पर भाजपा पिछले दो बार से हार रही है, जिसके चलते आगरा परिक्षेत्र की जिम्मेदारी एत्मादपुर विधायक रामप्रताप सिंह चौहान को सौंपी गई है। वहीं शिक्षक सीट पर भाजपा का कब्जा है। भाजपा शिक्षक सीट को किसी भी हालत में गवाना नहीं चाहती है, वहीं स्नातक सीट पर किसी भी हालत में कब्जा करना चाहती है। यही वजह है कि चुनाव की रणनीति पर भाजपाइयों ने काम शुरू कर दिया है।
इन जिलों के मतदाता होंगे शामिल
एमएलसी स्नातक और एमएलसी शिक्षक चुनाव में आम मतदाता वोट नहीं दे सकता है। इस चुनाव के लिए विशेष मतदाता होते हैं, वहीं आगरा परिक्षेत्र में 12 जिले आगरा के साथ मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, कासगंज, एटा, मैनपुरी, फरुर्खाबादा, इटावा, कन्नौज, ओरैया के मतदाता हिस्सा लेंगे।
अप्रैल में चुनाव
एमएलसी स्नातक और एमएलसी शिक्षक चुनाव अप्रैल में होना है। भाजपा में तो चुनाव प्रभारियों के साथ जिला संयोजकों की नियुक्त भी कर दी गई है। भाजपा 17 अगस्त यानि आज संयोजकों के साथ बैठक करेगी, जिसके बाद वोट बनवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि जो लोग इस चुनाव के लिए मैदान में उतर रहे हैं, उनके द्वारा 15 दिन पहले ही वोट बनवाने का काम शुरू कर दिया गया है।
Published on:
17 Aug 2019 09:48 am

बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
