
Lady Sharp shooter
आगरा। लोकसभा चुनाव से पहले पांच सौ अधिक असलाहधारी गायब हो गए हैं। जबकि शस्त्र लाइसेंस जमा कराने में लाइसेंसधारक उदासीनता दिखा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि अभी तक महज कुछ दर्जन लोगों ने अपने हथियार जमा कराए हैं। नेता और सरकारी कर्मचारी अपने अपने हथियारों को जमा नहीं कराने के लिए अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। वहीं पुलिस जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस की पिछले कई दिनों से सूचना नहीं मिल रही है, उनके पते पर पहुंच रही है।
दूसरे राज्यों में गए असलाहधारी
जनपद में करीब 49 हजार से अधिक असलाह हैं। पुलिस के पास नेताओं सहित सरकारी कर्मचारियों की पूरी सूची उपलब्ध है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन दिनों सत्यापन में करीब पांच सौ से अधिक ऐसे लाइसेंस धारक का कोई सुराग नहीं मिल रहा है जिनके पते जनपद में दर्ज कराए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि ये ऐसे लोग हैं जो अपने हथियार लेकर हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश या फिर मुबंई में जाकर गार्ड का काम कर रहे हैं। जल्द ही इन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। बता दें कि इन दिनों बैंक एटीएम में कैश जमा करने वाले गार्ड भी ऐसे ही लाइसेंस पर नौकरी कर रहे हैं। पुलिस अब इनकी सुरक्षा की जांच कर सकती है।
प्राइवेट गार्ड की नौकरी कर रहे
शहर में सिक्योरिटी सर्विसेज देने वाले कई दफ्तर खुले हुए है। जहां घर, दफ्तर और दुकान आदि में बंदूकधारी गार्ड की नौकरी मुहैया कराई जाती है। ये गार्ड अपने रिस्क पर असलाह लेकर नौकरी करते हैं। चुनाव से पहले क्या पुलिस इनके असलाह जमा करा पाएंगी। इसके लिए भी अधिकारियों में मंत्रणा शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक शहर में शस्त्र जमा कराने वाले रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
Published on:
18 Mar 2019 11:51 am
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