
आगरा। सर्किल रेट बढ़ने के समय कुछ लोग पहले से ही स्टांप खरीदकर रख लेते हैं। वहीं मकान की रजिस्ट्री, इकरारनामा और मुख्तारनामा सहित कई अन्य जरूरी काम के लिए लोग अक्सर पहले से ही स्टांप खरीद लेते हैं। लेकिन, किसी कारण के चलते बैनामा आदि न होने पर स्टांप रखे रह जाते हैं। लोगों को स्टांप लौटाने और रकम वापसी की चिंता सताती है। ऐसे लोगों के लिए अब अच्छी खबर है। आपकी स्टांप की धनराशि अब बेकार नहीं जाएगी। आज खरीदा गया स्टांप अब आठ साल तक आप भुगतान करा सकेंगे।
आठ साल तक लौटा सकते हैं स्टांप
स्टांप खरीदने के बाद उसका उपयोग नहीं हुआ, तो कुछ दिन बाद वो बेकार हो जाया करता था। लोगों का पैसा जाया चला जाता था। लेकिन, अब स्टांप काम नहीं आया तो खराब भी नहीं होगा। स्टांप की धनराशि वापस हो जाएगी। शासन द्वारा उत्तर प्रदेश स्टांप नियमावली 1942 के नियम 218 में संशोधन कर अब ये आवेदन एआईजी स्टांप निवंधन के यहां होगा। दस प्रतिशत की कटौती के बाद भुगतान हो सकता है। ये वैद्यता सिर्फ आठ साल की होगी। इसके बाद स्टांप बेकार हो जाएगा।
यहां से करना होगा आवेदन
एआईजी निबंधन निरंजन कुमार का कहना है कि धनराशि के भुगतान के लिए लोग आवेदन कर सकते हैं। कोषागार से धनराशि वापस मिल सकती है। शासन ने नियमावली में संशोधन किया है, जिसके तहत दस प्रतिशत पैसा काट कर भुगतान हो सकता है। बता दें कि पहले लोग परेशान होते थे कि स्टांप का पैसा वापस नहीं मिल सकेगा। धनराशि की वापसी के लिए एडीएम फाइनेंस के यहां आवेदन होते थे। लेकिन, अब ये आवेदन एआईजी स्टांप के यहां किए जा सकेंगे। स्टांप खरीदने के दो साल तक एआईजी, दो से चार साल के अंदर डीआईजी का अनुमोदन कराना होगा। वहीं आठ साल के मामले में शासन का अनुमोदन जरूरी है। इसके बाद धनराशि वापस नहीं हो सकेगी। स्टांप खरीदते समय ये जरूर देख लें कि उस पर रजिस्ट्रेशन संख्या और उसके खरीद की तारीख मौजूद है या नहीं, अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है।
Published on:
29 Dec 2017 12:03 pm
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