
आगरा। अयोध्या राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद शांति व्यवस्था में किसी प्रकार का खलल न पड़े, इसलिए पुलिस महानिरीक्षक ए सतीश गणेश व मंडलायुक्त अनिल कुमार ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के द्वारा मण्डल की शान्ति एवं कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की। कलक्ट्रेट में आयोजित इस बैठक में आयुक्त ने कहा कि मजिस्ट्रेट, सिपाही व थाना प्रभारी आदि गली, मोहल्लों, सभी धार्मिक स्थल, मिश्रित आबादी के क्षेत्र व चौराहों पर नियमित गश्त करते रहें। विभिन्न सरकारी प्रतिष्ठानों एवं धार्मिक स्थलों के पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर लीं जाएं।
पेट्रोलिंग पर दिया जोर
कमिश्नर ने मजिस्ट्रेट व पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त रूप से पीस कमेटी की बैठक करने एवं संयुक्त रूप से फुट पेट्रोलिंग एवं फ्लैग मार्च करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने मुख्यालय पर ही निवास करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए, अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। इसके साथ ही बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों पर भी सुरक्षा के दृष्टिगत् सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरे के माध्यम से छतों पर भी जांच करा ली जाए, कहीं कोई कुछ इकट्ठा तो नहीं किया है। असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। निरोधात्मक कार्रवाई नियमित की जाए।
ये बोले पुलिस महानिरीक्षक
पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि पुलिस अधिकारी सौंपे गये दायित्वों का निर्वहन करें एवं उपलब्ध संसाधनों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों को तीन श्रेणियों में चिन्हित कर सूची तैयार कर ली जाए तथा उसी के अनुरूप निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जो भी सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाएं, उनकी सुरक्षा के लिये उन्हें सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा दिया जाए। गाड़ियों की स्थिति की जांच करा ली जाए।
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सोशल मीडिया पर रहे नजर
आईजी ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रभावी तरीके से निगरानी की जाए।अफवाह फैलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई। सिपाही सहित सभी पुलिस अधिकारियों को उन्हें सौपे गये दायित्वों के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी जाए, ताकि उन्हें पता हो कि उन्हें करना क्या है। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालयों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाए। इस सम्बन्ध में जिला जज एवं अध्यक्ष, बार संघ से वार्ता कर फुट पेट्रोलिंग सहित आदि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लाइसेन्सी शस्त्र धारकों की भी जांच कराने के निर्देश दिये।
Updated on:
06 Nov 2019 07:22 pm
Published on:
06 Nov 2019 07:12 pm

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