ताजमहल के आसपास प्रतिबंध के बावजूद लगातार अवैध निर्माण हो रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी दुनिया के सातवें अजूबे ताजमहल के आसपास अवैध निर्माण का सिलसिला जारी है। सोमवार को एडीजी सुरक्षा ने ताजमहल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस को सुरक्षा और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सात साल में 248 अवैध निर्माण
पुरातत्व विभाग के रिकार्ड के अनुसार साल 2015 से 2022 तक ताजमहल के 300 मीटर के दायरे में कुल 248 अवैध निर्माण हुए हैं। यह वो चिन्हित अवैध निर्माण हैं, जिन पर विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में निर्माण गुपचुप तरीके से हो गए हैं।
चार साल में एडीए ने दिया सिर्फ नोटिस
तमाम मामलों में सील लगाने के बाद खोले जाने की शिकायतें हुई हैं। विभागों की लापरवाही का आलम यह है की 11 जनवरी 2018 को ताजमहल के सहायक अधीक्षक द्वारा पूर्वी गेट के पास निरंजन लाल के खिलाफ की गई शिकायत पर मुकदमा दर्ज होने के बाद 29 अक्तूबर 2022 को आगरा विकास प्राधिकरण ने अनुमति के दस्तावेज दिखाने का नोटिस दिया है। अवैध निर्माण अभी भी वैसा ही है।
क्या है नियम जो आजतक नहीं बनी थाने की छत
ताजमहल और उसके आसपास 500 मीटर का दायरा सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की निगरानी में रहता है। यहां बिना अनुमति दीवार में कील ठोकने पर भी पाबंदी है। नया निर्माण नहीं कराया जा सकता है और टूट फूट होने पर सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से ही मरम्मत का काम कराया जा सकता है। इसी कारण थाना ताजगंज में प्रभारी का कार्यालय भी टीन शेड लगाकर बना है।
एडीजी सुरक्षा ने परखी व्यवस्थाएं
सोमवार को ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एडीजी सुरक्षा विनोद कुमार ने ताजमहल का निरीक्षण किया। ताजमहल की सुरक्षा का निरीक्षण करने के बाद ताजमहल के नए वाच टावर से लेकर परिसर के अंदर और बाहर के चप्पे - चप्पे को उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से देखा। एडीजी ने सुरक्षा व्यवस्था
को लेकर ताज सुरक्षा पुलिस को कई प सुझाव भी दिए। उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के लिए आगरा विकास प्राधिकरण से बात करने की भी बात अधिकारियों से कही। हालांकि उन्होंने मीडिया से दूरी बनाकर रखी और किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।