
Independence Day 2017 celebrated in Madrasa
अागरा। मुगलों की नगरी कहे जाने वाले आगरा के मदरसों में आजादी का तराना, सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा गाया गया। यहां पढ़ने वाले बच्चों को आजादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की बहादुरी के किस्से सुनाए गए। इस अवसर पर मोलाना मोहम्मद अशरफ ने कहा कि राष्ट्रीय त्योहार मुस्लिम धूम धाम से मनाते हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार का मदरसों में रिकार्डिंग का आदेश मुस्लिमों का अपमान है।
बताया आजादी का मतलब
मोहम्मद अशरफ ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि 15 अगस्त हिंदुस्तान की अजीम तारीख है। इस तारीख पर देश में एकता, प्रेम दिलों में उठने लगता है। ये वो अजीम तारीख है, जिस तारीख में अंग्रेजों से हमारा देश आजाद हुआ। यहां के मुजाहद्दीन हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सबने मिलकर अंग्रेजों को भगाया और अपने देश को अपने हाथों में लिया। सभी मिलकर आपस में भाई की तरह अपनी हर रस्मो रिवाज को यहां के लोग निभाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है, जहां इतने सारे धर्म हैं और आपस में इतना प्रेम है। गांधी जी, सुभाष चंद बोस जैसे तमाम महापुरुषों ने देश की आजादी के लिए अपना खून पसीना बहाया।
यहां हुआ प्रोग्राम
अब्बास नगर स्थित मदरसा में 15 अगस्त का कार्यक्रम हुआ। यहां बच्चों ने मिलकर तिरंगा फहराया। सभी बच्चों के हाथ में तिरंगा था। इस अवसर पर मदरसे के मोहम्मद अशरफ ने कहा कि यहां बच्चों को हर वर्ष की तरह बताया गया कि किस तरह हमें आजादी मिली। योगी सरकार के रिकार्डिंग के आदेश पर उन्होंने कहा कि आजादी में किसी एक की हिस्सेदारी नहीं थी, आजादी की जंग तो हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी ने साथ मिलकर लड़ी थी, फिर इस बात की खुशी मुसलमानों को क्यों नहीं होगी, ये योगी सरकार क्यों नहीं सोचती है। मुस्लिमों ने भी आजादी की इस लड़ाई में कुर्बानी दी। फिर ये क्यों सोचा जाता है, कि आजादी के इस पर्व से हमें मोहब्बत नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार का ये फरमान मुस्लिमों का अपमान है।
Published on:
15 Aug 2017 01:45 pm

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