
Anil Kumar Sharma
आगरा। उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम आगरा से रिटायर्ड और जेसीज क्लब आगरा के पूर्व अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ताजनगरी की छंदमुक्त काव्य धारा के प्रमुख कवि हैं। उनके प्रथम कविता संग्रह "पाने खोने के बीच कहीं" को आगरा व बाहर के वरिष्ठ कवियों-समीक्षकों की भूरि-भूरि सराहना मिली है। आजकल आप ऑस्ट्रेलिया में साहित्यिक प्रवास पर हैं। इस प्रवास पर कल स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर, कांसुलेट जनरल ऑफ इंडिया सिडनी तथा इंडियन लिटरेरी एंड आर्ट सोसायटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया (इलासा) द्वारा केसल रे स्ट्रीट, सिडनी में आयोजित कवि गोष्ठी कार्यक्रम में ताज नगरी के कवि अनिल कुमार शर्मा को अपनी हिंदी कविताओं की श्रेष्ठ प्रस्तुति के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर, कांसुलेट जनरल ऑफ इंडिया सिडनी के कार्यकारी निदेशक एस के वर्मा और इंडियन लिटरेरी एंड आर्ट सोसायटी ऑफ ऑस्ट्रेलिया की संस्थापिका रेखा राजवंशी ने संयुक्त रुप से अनिल कुमार शर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान अनिल कुमार शर्मा की पत्नी प्रतिभा शर्मा भी उनके साथ रहीं। कार्यक्रम में अनिल कुमार शर्मा की कविता जिद, नर, नारी और नौ को बेहद सराहना मिली। नारी कविता की इन पंक्तियों पर देर तक तालियां बजती रहीं- "तू इतना समझ ले और याद रख, कि शिव की पूजा भी।
इन्होंने किया संचालन
कार्यक्रम का संचालन रेखा राजवंशी ने किया और इलासा के वरिष्ठ सदस्य देव पासी ने धन्यवाद व्यक्त किया। समारोह में रेखा राजवंशी, रेखा द्विवेदी, अनिल कुमार शर्मा, हरिहर झा, विजय सिंह, प्रगीत बेचैन, भावना बेचैन और ज्योत्सना तलवार सहित एक दर्जन से अधिक प्रवासी भारतीय साहित्यकारों ने काव्य पाठ किया। गौरतलब है, कि इन संस्थाओं के माध्यम से विदेशी धरती पर भी भारतवंशी अप्रवासी भारतीय अपने साहित्य और संस्कृति की विरासत को संजोने की अनूठी पहल निरंतर कर रहे हैं।
Published on:
04 Aug 2018 06:58 pm

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