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अनियमित मासिक धर्म, चेहरे पर बाल उगना, गर्भधारण में डालते हैं परेशानी, जानिए कैसे पाएं छुटकारा

गर्भावस्था में खान-पान पर हुई विशेष वार्ता, शिविर में आने वालीं 50 से अधिक महिलाओं को दिया गया निःशुल्क परामर्श

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आगरा

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Abhishek Saxena

May 10, 2018

masik dharm

आगरा। अनियमित खान-पान और बेतरतीब जीवनशैली महिलाओं में पीसीओडी की समस्या का बड़ा कारण बन रही है। ज्यादातर महिलाएं कई रोगों का शिकार है। भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज करती हैं, जिसका खामियाजा उन्हें विवाह के बाद भुगतना पड़ता है। लड़कियों को मासिक धर्म शुरू होने के बाद अपने स्वास्थ्य पर खासतौर से ध्यान देने की जरूरत होती है। महिलाओं के चेहरे पर बाल उग आना, बार-बार मुंहासे होना, पिगमेंटेशन, अनियमित मासिक धर्म होना और गर्भधारण में मुश्किल होना खतरे की घंटी है। यह जानकारी विशेषज्ञों ने एक टाॅक ईवेंट में दी।

अधूरा ज्ञान हो सकता है नुकसानदायक
एमजी रोड स्थित मल्होत्रा नर्सिंग एंड मैटरनिटी होम में निःशुल्क स्पेशल पीसीओएस क्लीनिक आयोजित किया गया। इसमें टाॅक ईवेंट के जरिए महिलाओं को पीसीओएस की समस्या और इसके निदान पर जानकारी दी गई। साथ ही शिविर में आने वाली महिलाओं को रेनबो हाॅस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनप्रीत शर्मा ने गर्भावस्था में खान-पान पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। आम महिलाओं के साथ इस टाॅक में पीसीओएस विशेषज्ञ के रूप में डॉ. शैली गुप्ता ने बताया कि पाॅलिसिस्टिक ओवनरी डिजीज होने पर महिलाओं को चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर महिलाओं को ओवरी और प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है साथ ही आगे चलकर कई रोग लगने लगते हैं। आज लगभग 30 प्रतिशत महिलाएं इस बीमारी से ग्रस्त हैं। उचित ज्ञान ना होने व पूर्ण चिकित्सकीय जांच ना होने की वजह से महिलाएं इससे जूझ रही हैं। डॉ. मनप्रीत ने बताया कि यदि आप मां बनने वाली हैं तो यह जरूरी है कि आप अच्छा खाएं। इससे आपको अपने और अपने गर्भ में पल रहे शिशु के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व मिल सकेंगे। उन्होंने बताया कि कई बार अधूरा ज्ञान नुकसानदेह साबित हो सकता है। आम तौर पर घरों में बुजुर्ग जबरन खाने पर जोर देते हैं, लेकिन यह भी गलत है। हमें आहार में उतना ही शामिल करना चाहिए, जितना हम ग्रहण कर सकते हैं।