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अब शुभम कैसे खाएगा मूंगफली के लड्डू…कहते-कहते बेहोश हो गईं शहीद कैप्टन की मां

Captain Shubham Gupta Martyr: यूपी के आगरा निवासी शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के घर पर लोगों का तांता लगा है। इस बीच उनकी मां सिर्फ अपने बेटे शुभम को याद कर रही हैं। रिश्तेदार उन्हें संभालने का प्रयास करते हैं, लेकिन वो बार-बार बेहोश हो जाती हैं।

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आगरा

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Vishnu Bajpai

Nov 23, 2023

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UP Captain Shubham Gupta Martyr: उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा निवासी 9 पैरा में तैनात कैप्टन शुभम गुप्ता पुत्र बसंल गुप्ता जम्मू कश्मीर के राजौरी में बुधवार को शहीद हो गए। सर्च ऑपरेशन में मुठभेड़ के दौरान वे आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। इसकी सूचना से समूचे आगरा में मातम छाया है। आगरा के डीजीसी बसंत गुप्ता के दो बेटे हैं। जिनमें 29 साल के कैप्टन शुभम और उनका छोटा भाई ऋषभ हैं। शुभम की शादी की तैयारियां की जा रही थीं। परिजनों के मुताबिक कैप्टन शुभम गुप्ता का चवन 2015 में आर्मी में हुआ था। 2018 में कमीशन मिला। कैप्टन नौ पैरा में थे।

शुभम काफी मृदुभाषी और मिलनसार थे। उनकी शहादत की खबर फैलने के बाद शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के घर पर रिश्तेदारों का तांता लगा है। उनकी मां पुष्‍पा देवी ‌रिश्तेदारों को देखकर रोने लगती हैं। इस बीच वे अपने बेटे शुभम को याद कर कहती हैं कि उसे मूंगफली के लड्डू बहुत पसंद थे। मैंने उसके लिए बनाए भी हैं, लेकिन अब वो लड्डू शुभम कैसे खाएगा…उनकी मां का करुण क्रंदन देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो जाती हैं।

गुरुवार को शहीद कैप्टन के ताऊ के बेटे नितिन ने बताया “शुभम मुझसे छोटा था। वह छह महीने पहले छुट्टी लेकर आगरा आया था। यहां अब उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। दिवाली पर वीडियो कॉल के दौरान उसने जल्द आगरा आने की बात कही थी। शुभम को मां के हाथ से बने मूंगफली के लड्डू बहुत पसंद थे। वह अपने जन्मदिन पर अक्सर मां से मूंगफली के लड्डू बनाने की जिद करता था। इसके चलते चाची यानी शुभम की मां पुष्पा ने उसके लिए मूंगफली के लड्डू बनाकर रखे थे।”


गुरुवार को आगरा के प्रतीक एन्क्लेव में आगरा के डीजीसी क्राइम बसंत कुमार गुप्ता के घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा थी। प्रशासनिक अफसर और बसंत गुप्ता के रिश्तेदारों समेत आसपास के गांवों के लोग भी यहां जुटे थे। इस दौरान शहीद कैप्टन की मां पुष्पा देवी ने कहा “मेरे बेटे ने कहा था कि जल्दी आउंगा..मां मेरे लिए मूंगफली के लड्डू बनाकर रखना। मैंने उसके लिए लड्डू भी बना लिए, लेकिन अब ये लड्डू शुभम कैसे खाएगा।” इतना कहते ही वह बेहोश हो गईं। इस दौरान रिश्तेदारों और घर की महिलाओं ने किसी तरह उन्हें संभाला। होश आने के बाद फिर वह अपने बेटे शुभम गुप्ता को याद करने लगीं। शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता की मां की यह हालत देखकर वहां पर मौजूद हर शख्स रो पड़ा। यहां तक प्रशासनिक अधिकारी भी अपने आंसू छिपा नहीं सके।


भारी भीड़ के बीच एक युवक एकदम शांत खड़ा आने-जाने वाले लोगों को टकटकी लगाकर देख रहा था। इस बीच जरा सा कुरेदने पर उसकी आंखें पानी से डबडबा गईं। यह कोई और नहीं बल्कि शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के ताऊ के बेटे और शुभम के बड़े भाई नितिन गुप्ता हैं। भरभराई आवाज में नितिन ने बताया “शुभम से दिवाली वाली रात में वीडियो कॉल पर बात हुई थी। उसने कहा था कि भैया घर आने का बहुत मन है। जल्द ही आगरा आऊंगा और इस बार हम लोग बहुत मस्ती करेंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अब मुझे भैया कहकर कौन बुलाएगा।” इतना कहते ही नितिन फफककर रो पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला।


शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के ताऊ केके गुप्ता आर्डिनेंस कोर में स्टोर अधीक्षक के पद से रिटायर हुए हैं। उन्होंने कहा “शुभम अपने जन्मदिन पर 9 अक्तूबर 2022 को आगरा आया था। शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता मुझे बड़े पापा कहते थे। शुभम आर्मी जॉइन करे ये मेरा सपना था। शुभम ने अपने मेरा यानी अपने बड़े पापा का सपना पूरा किया। इसका मुझे गर्व है, लेकिन शुभम ऐसे सबको रुलाएगा। इसका अंदाजा नहीं था। उन्होंने आगे बताया “कैप्टन शुभम गुप्ता के दूसरे ताऊ तोताराम गुप्ता भी सेना में हवलदार थे। उन्हें देखकर ही शुभम ने आर्मी में जाने का सपना देखना शुरू किया था। मुझे मेरे बेटे पर गर्व है। अब वह पूरे देश का बेटा बन गया है।”


आगरा जिले के प्रभारी और उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं उर्जा मंत्री एके शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकी हमले में कैप्टन शुभम गुप्ता के शहीद होने पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह एक ह्रदयस्पर्शी क्षण है। शहीद कैप्टन के शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी पूर्ण संवेदना और सहानुभूति प्रकट करता हूं। साथ ही शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के अद्भुत पराक्रम की शौर्यगाथा देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणाशक्ति बनेगी। देश व प्रदेश शहीद कैप्टन शुभम गुप्ता के बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि मैं उनका हृदय से नमन और वंदन करता हूं। जय हिंद!


जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि कैप्टन शुभम 29 साल के थे। वह 9 पैरा में तैनात रहकर सीमा की सुरक्षा कर रहे थे। उनका पार्थिव शरीर आने का इंतजार किया जा रहा है। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की जाएगी। एडीएम सिटी अनूप कुमार सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद ‌थे। इसके अलावा कैप्टन शुभम गुप्ता के बलिदान की खबर जिसने सुनी, वह प्रतीक एन्क्लेव की ओर दौड़ा चला आया। कैप्टन शुभम के शहीद होने की सूचना पर केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, फतेहपुरसीकरी के सांसद राजकुमार चाहर, एमएलसी विजय शिवहरे के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान, आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, संस्कृतिकर्मी, व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि उनके आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए पहुंचे।

आगरा से प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट

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