
आगरा। अपनी जमीन पर मोबाइल टॉवर लगाने वालों को टैक्स देना होगा। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। अब आगरा जनपद में देहात क्षेत्र में लगे टॉवरों से ये टैक्स वसूला जाएगा। वहीं पिछले साल से लटके पड़े करोड़ों रुपये के प्रस्ताव का बजट भी पास हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बोर्ड बैठक में सभी प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी।
2018-19 का बजट रखा 29 करोड़
जिला पंचायत में योगी सरकार के आने के बाद बड़ा फेरबदल हुआ था। अखिलेश के शासनकाल में निर्वतमान जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव द्वारा जो प्रस्ताव रुके हुए थे। उन्हें पास करने में महज पांच मिनट लगे। बोर्ड की बैठक में वर्ष 2018-19 में विकास कार्य कराने के लिए 29 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। आय बढ़ाने के लिए प्रस्ताव रखे गए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टावरों से टैक्स वसूलने का निर्णय लिया गया।
साढ़े नौ करोड़ रुपये से सड़कें होंगी गड्ढामुक्त
जिला पंचायत अध्यक्ष राकेश बघेल की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक में सदन में बजट रखा गया। जिसमें साल 2018-19 का 29 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। 29 करोड़ की धनराशि में से साढ़े नौ करोड़ रुपये की राशि को सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए निर्धारित किया गया है। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि आय बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। ग्रामीणों क्षेत्रों में जगह-जगह लगे टावरों पर टैक्स लगाया जाएगा। टावरों के अलावा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होने वाले निर्माण कार्यों पर भी टैक्स लगेगा। बाहर से खनन करके लाई जा रही सामग्री से भी टैक्स वसूला जाएगा।
आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि आय बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक में कई और प्रस्ताव आए। इनमें आगरा बैराज को नगला पैमा के स्थान पर रिंग रोड यमुना पुल पर बनाने, जिला पंचायत सदस्यों के प्रत्येक वार्ड में एक-एक बैठक हॉल बनाने का प्रस्ताव भी शामिल रहे। बैठक में फतेहपुरसीकरी विधायक चौ. उदयभान सिंह , फतेहाबाद विधायक जितेंद्र वर्मा, सीडीओ रविंद्र कुमार मांदड़ सहित सभी जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
Published on:
03 May 2018 04:51 pm

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