रिटा. लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. राजेश चौहान ने बताया Kargil War के दौरान सभी देशवासी की एकता और भी मजबूत हो गई थी। आपस की गलतफेमिया, मनमुटाव सब दूर हो गए थे। जज्बा था, तो सिर्फ हिन्दूस्तानी होने का। क्या हिंदू, क्या मुसलमान, क्या ईसाई और क्या सिख। इस युद्ध के बाद देश की एकता एक बार फिर उभरकर सामने आई। किसी धर्म, न कोई प्रांत न किसी उंच नीच का सवाल था। फौज में तो वैसे ही ये चीजें मायने नहीं रखती हैं। देश की इस एकता ने Army को और भी मजबूती प्रदान की थी।