
बांग्लादेश में हिंदू टीचर का घर जलाया गया। (Photo source: X/@amitmalviya)
Bangladesh minority violence: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। चुनाव की घोषणा के बाद से हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हमलों में भारी इजाफा हुआ है। मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में कट्टरपंथियों के मन से कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है। अब सिलहट जिले में एक हिंदू टीचर बीरेंद्र कुमार डेके को निशाना बनाया गया है। उनके घर में आग लगा दी गई है। शिक्षक और उनके परिवार को जान बचाकर भागना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) द्वारा प्रकाशित हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में चुनावों से पहले, महिलाओं, कन्याओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ रहे हैं, जिससे मौलिक मानवाधिकारों की रक्षा करने में अंतरिम सरकार की विफलता उजागर हो रही है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदू शिक्षक के घर पर हमले की घटना सिलहट जिले के गोवाईघाट उपजिला के नंदिरगांव यूनियन के बहोर गांव में हुई। एक इस्लामी समूह ने स्कूल टीचर बीरेंद्र कुमार डेके के घर में आग लगा दी। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि घर से आग की लपटें तेजी से उठती दिख रही हैं और परिवार के सदस्य भागने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में फेनी जिले के दगनभुइयां उपजिला में बदमाशों ने एक हिंदू शख्स की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। 27 साल के ऑटो रिक्शा ड्राइवर समीर दास की लाश सोमवार को बांग्लादेश के जगतपुर गांव के खेत से बरामद हुई थी।
ब्रिटेन की संसद में भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा का मुद्दा उठा है। यहां सांसद बॉब ब्लैकमैन ने इसे एक विनाशकारी स्थिति बताते हुए चिंता जताई है कि बांग्लादेश के सड़कों पर हिंदुओं की हत्या की जा रही है, उनके घरों और मंदिरों को आग लगा दी जा रही है।
ब्रिटेन की संसद में बोलते हुए, ब्लैकमैन ने बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने जा रहे राष्ट्रीय चुनाव को लेकर भी चिंता जाहिर की है, वहां लोकतंत्र का सवाल उठाया है।
Updated on:
17 Jan 2026 04:35 am
Published on:
17 Jan 2026 04:33 am

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