
karwa chauth
आगरा। सुहागिनों का सबसे बड़ा त्योहार यानि Karwa Chauth को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी भी कहा जाता है। ये त्योहार पति-पत्नी के मजबूत रिश्ते, प्यार और विश्वास का प्रतीक है। हर महिला अपने पति की लम्बी आयु के लिए व्रत रखती है, लेकिन भय उस समय होता है, जब किसी विशेष परिस्थिति की वजह से पत्नी व्रत न रख पाए। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि पत्नी किसी कारणवश व्रत नहीं रख पा रही हैं, तो पति निर्जला व्रत रख सकते हैं। पति द्वारा व्रत किए जाने से भी उतना ही फल मिलेगा, जितनी पत्नी के व्रत रखने पर मिलता है।
ये बोले ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि पत्नियों द्वारा ये व्रत पति की लम्बी आयु के लिए रखा जाता है। एक बार यदि स्त्री इस व्रत को शुरू करती हैं, तो ये व्रत टूटता नहीं है, इसे अपसगुन माना जाता है। ऐसे में कई बार विशेष परिस्थितियां आ जाती हैं, जिसमें स्त्रीयों द्वारा निर्जला व्रत रखा जाना संभव नहीं होता है। इन परिस्थितियों में भय स्वभाविक है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इन परिस्थितियों में डरे नहीं, पत्नी की जगह पति व्रत रख सकते हैं। शाम को यदि पत्नी पूजन कर सकती है, तो पति के साथ पूजन कर लें।
करवाचौथ पूजन का समय
ज्योतिषाचार्य डॉ. मिश्र ने बताया कि पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने का समय शाम 7 बजकर 55 मिनट से 8 बजकर 19 मिनट तक होगा। इसी समय पर पूरे देश में चांद के दर्शन होंगे।
Published on:
26 Oct 2018 04:22 pm
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