
World Kidney Day
एक मेडिकल रिसर्च के मुताबिक भारत में विकसित देशों की तुलना में करीब 15 साल पहले ही लोग किडनी फेल्योर का शिकार होने लगते हैं। यानी अगर मान लिया जाए कि विकसित देशों में लोग 70 साल की उम्र में किडनी फेल होने की समस्या से ग्रसित हो रहे हैं तो भारत में इसकी शुरुआत 55 साल की उम्र से हो जाती है। किडनी फेल होने के कारण लोगों को कम उम्र पर ही डायलिसिस से होकर गुजरना पड़ता है या फिर किडनी ट्रांसप्लांट कराना पड़ता है। world kidney day के मौके पर हमने नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. आलोक जैन से बात की और किडनी फेल होने के मुख्य कारणों को जाना। जानिए उनके बारे में
1. डायबिटीज: किडनी फेल होने का डायबिटीज बहुत बड़ा कारण है। भारत में लोग अपनी लाइफस्टाइल को लेकर बहुत लापरवाह हैं। खराब जीवनशैली के कारण यहां लोगों में डायबिटीज की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके बावजूद लोग उसे नियंत्रित करने के लिए बहुत प्रयास नहीं करते। डायबिटीज के कारण शरीर के दूसरे हिस्सों पर प्रभाव पड़ता है।
2. ब्लड प्रेशर: लंबे समय से ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित लोगों को भी किडनी फेल होने का रिस्क रहता है।
3. किडनी स्टोन: खराब खानपान के चलते भारत में बड़ी मात्रा में लोग किडनी स्टोन से ग्रसित हैं। ऐसे में कई लोग लापरवाही करते हैं और समय से इलाज नहीं कराते। किडनी स्टोन का समय रहते इलाज न कराना भी किडनी फेल्योर का कारण हो सकता है।
4. डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां: डेंगू, मलेरिया, फ्लू, डायरिया, इंफ्लूएंजा आदि भी परेशानियां भी किडनी पर असर डालती हैं।
5. मेडिकल हिस्ट्री: किडनी फेल्योर का कारण आनुवांशिकता भी हो सकता है।
बचाव के लिए ये करें
डॉ. आलोक जैन के मुताबिक यदि व्यक्ति अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करे तो इस परेशानी से बचा जा सकता है। इसके लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, समय से भोजन करें। भोजन में हरी सब्जियां, फल, जूस, सूप आदि लें। नशा न करें व जंकफूड, फास्टफूड और शुगरी ड्रिंक्स को अवॉयड करें।
Updated on:
14 Mar 2019 05:15 pm
Published on:
14 Mar 2019 11:32 am
बड़ी खबरें
View Allआगरा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
