लोकसभा चुनाव 2019 में सपा और बसपा से लगातार नेताओं के टूटने का दौर जारी है।
आगरा। लोकसभा चुनाव 2019 में सपा और बसपा से लगातार नेताओं के टूटने का दौर जारी है। आगरा की बात करें, तो यहां से सबसे चौंकाने वाला मामला उस समय सामने आया, जब सपा सरकार में मंत्री रहे रामसकल गुर्जर ने भाजपा का दामन थाम लिया, तो वहीं दूसरी ओर सपा के टिकट से लगातार बसपा और भाजपा को पछाड़ने वाले डॉ. राजेन्द्र सिंह भी भाजपा में शामिल हो गये। हालांकि डॉ. राजेन्द्र सिंह का ये फैसला घर वापसी माना जा रहा है। डॉ. राजेन्द्र सिंह भाजपा से विधायक रह चुके हैं।
जानिये डॉ. राजेन्द्र सिंह के बारे में
फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले डॉ. राजेन्द्र सिंह राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी की है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा 2007 के विधानसभा चुनाव में दिये गये टिकट के बाद फतेहाबाद से पहली बार विधायक चुने गये। इसके बाद 2012 में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया, तो उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में बसपा प्रत्याशी छोटे लाल वर्मा ने जीत दर्ज की तो वहीं डॉ. राजेन्द्र सिंह ने बसपा प्रत्याशी को टक्कर देते हुये दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस सीट पर भाजपा प्रत्याशी गिर्राज सिंह कुशवाह तीसरे स्थान पर रहे।
नहीं टूटे भाजपा से संबंध
डॉ. राजेन्द्र सिंह भले ही समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये, लेकिन भाजपा से उनके संबंध नहीं टूटे। चुनाव हारने के बाद वे राजनीति में बहुत अधिक सक्रिय नहीं रहे। ठाकुर मतदाताओं में बेहद सख्त पकड़ रखने वाले डॉ. राजेन्द्र सिंह के भाजपा में वापसी से फतेहाबाद क्षेत्र से लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को बड़ा फायदा होगा।