
गाजीपुर से काम पर आए थे मजदूर, आगरा में बंधक बनाकर करा रहे थे ऐसा काम
आगरा। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक गोदाम में कुछ लोग बंधक बने हुए है। जब पुलिस गोदाम पहुंची और वहां छानबीन की तो माजरा देखकर पुलिस भी सन्न रह गई। गाजीपुर से कबाड़ गोदाम में काम कराने के लिए ठेके पर लाए गए एक दर्जन मजदूरों से नकली शराब बनवाई जा रही थी। पुलिस ने सभी मजदूरों को मुक्त कराया है। गोदाम को सील कर दिया है। वहीं गोदाम मालिक की तलाश की जा रही है।
नगला रामवल में एक गोदाम में शराब का बड़ा जखीरा मिला
थाना एत्माउद्दौला स्थित नगला रामवल में एक गोदाम में पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक बंधक हैं। इस सूचना पर युवकों को छुड़वाने गए थाना अध्यक्ष कमलेश कुमार सिंह को बंधक मजदूरों के साथ साथ शराब का बड़ा जखीरा मिला। यहां बंधक बनाकर मजदूरों से नकली शराब बनवाई जा रही थी। पुलिस ने मौके से करीब 112 पेटी शराब सहित खाली वारदाना जब्त किया है। थाना पुलिस ने इस कार्रवाई में 11 मजदूरों को मुक्त कराया है। बताया गया है कि इनमें से 6 नाबालिग हैं। इंस्पेक्टर कमलेश कुमार ने बताया कि गोदाम के बारे में छानबीन की जा रही है।
कबाड़ कारखाने में काम के लिए लाए थे मजदूर
नगला रामबल में गोदाम पर शराब बन रही थी। पुलिस को कुछ लोगों को बंधक बनाने की सूचना मिली थी। बंधक के साथ शराब बन रही थी। ये गोदाम राकेश यादव के नाम होने की चर्चा चल रही थी। वहीं मुक्त कराए गए मजूदरों ने बताया कि वे गाजीपुर के गांव शेरपुर कला के रहने वाले हैं।मजदूरों को आगरा में काम दिलाने के लिए एक ठेकेदार लेकर आया था। उसने कहा था कि कबाड़े के कारखाने में काम दिलाएगा। ठेकेदार के साथ 20 दिन पहले मजदूर यहां आए थे और उन्हें बंधक बना लिया गया। पुलिस पूरे मामले में छानबीन कर रही है।
Published on:
17 Jul 2018 08:11 pm
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