
Maha Shivratri 2019
आगरा।maha Shivratri 2019 को शिवालयों में धूमधाम से मनाया जा रहा है। हर ओर भगवान शिव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। mahashivratri को बेहद खास माना जाता है, इस दिन भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा करते हैं, वहीं शिवालयों में विशेष आयोजन होता है। इस दिन का महत्व क्या है, इस दिन महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है। जानिये क्या है इसके पीछे की कहानी।
Shivratri की कहानी
श्री मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी ने बताया कि देवों के देव भगवान शिव का ये खास दिन होता है। उन्होंने इस दिन की कहानी बताई, बताया कि फाल्गुन में आने वाली रात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि कहा जाता है। श्री शिवमहापुराण के अनुसार जब भगवान नारायण व ब्रह्मा जी में वर्चस्व को लेकर युद्ध हुआ, तब उन दोनों के बीच में एक शिवलिंग प्रगट हुआ। ***** का दर्शन कर दोनों ने विचार किया कि जो इस ***** का प्रारम्भ या अन्त का दर्शन कर लेगा, वही पूजनीय होगा। यह सुनकर ब्रह्मा जी हंस स्वरूप में व नारायण शूकर स्वरूप में आकाश व पाताल को गमन किया। ब्रह्माजी जब आकाश की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने ऊपर से केतकी के फूल को आते हुए देख पूछा, कि क्या वह प्रारम्भ से आ रहा है? तब केतकी के फूल ने कहा, कि वह तो मध्य भाग से हज़ारों वर्षों से गिरता चला आ रहा है। ब्रह्मा जी ने केतकी के फूल से नारायण के सामने झूठ बोलने को कहा, कि वह यह पुष्टि(गवाही) करे, कि ब्रह्मा जी ने इस ***** का प्रारम्भ खोज लिया है। केतकी फूल को लेकर ब्रह्मा जी भगवान नारायण के पास आए व फूल द्वारा झूठी पुष्टि (गवाही) भी करवाई। नारायण जी ने इस पर ब्रह्मा जी का पूजन किया, उसी समय उस ***** से भगवान शिव ने प्रगट होकर क्रोध में भैरव प्रगट कर उसे आज्ञा देकर ब्रह्मा के पांच मुखों में से, जिस मुख ने झूठ बोला उसका छेदन करवा दिया। अन्त में नारायण जी स्तुति पर प्रसन्न होकर भगवान शिव ने ब्रह्मा को अभय दान दिया। जिस दिन यह कार्य हुआ, वह दिन शिवरात्रि के रूप में भगवान शिव की आज्ञानुसार मनाया जाता है। इसी दिन को Maha shivratri 2019 का पर्व मनाया जाता है।
Updated on:
04 Mar 2019 01:07 pm
Published on:
04 Mar 2019 10:03 am

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