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यहां ‘सूरदास’ दे रहे महाभारत का ज्ञान

सूरदास नेत्रहीन विद्यालय एवं प्रशिक्षण संस्थान, सूरकुटी, आगरा में नेत्रहीन बच्चे महाभारत का ज्ञान दे रहे हैं। महाभारत से ही उनकी पढ़ाई शुरू होती है।

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Bhanu Pratap Singh

May 10, 2016

surdas blind school agra

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आगरा। महाभारत का युद्ध हुआ तो उस समय महाराजा धृतराष्ट्र को संजय ने युद्ध का पूरा हाल बयां किया था। आगरा में भी संजय की तरह नेत्रहीन बच्चे महाभारत की कथा सुनाते हैं। ये बच्चे सूरदास नेत्रहीन विद्यालय एवं प्रशिक्षण संस्थान, सूरकुटी, गऊघाट, कीठम, सिकंदरा में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये बच्चें आंखों से नहीं देख सकते, लेकिन जब महाभारत की कथा सुनाते हैं, तो आपको लगेगा ही नहीं कि इन बच्चों के नेत्र नहीं हैं।

60 बच्चे कर रहे शिक्षा ग्रहण
विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश कुमार ने बताया कि इस समय संस्थान में यूपी के साथ बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान के 60 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन बच्चों के लिय यहां पर हॉस्टल सुविधा भी उपलब्ध है। इन बच्चों से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। रहना, खाना पूर्ण रूप से निशुल्क है। इस विद्यालय में आठवीं तक की शिक्षा प्रदान की जाती है, इसके बाद सूर स्मारक इंटर कॉलेज रुनकता में इनका दाखिला कराया जाता है।

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ब्रेल लिपि से पढ़ाई बनी आसान
विद्यालय के शिक्षक संजय बताते हैं कि इन बच्चों को ब्रेल लिपि के माध्यम से शिक्षा ग्रहण कराई जाती है। प्रथम चरण में बच्चों को इमला का ज्ञान कराया जाता है। इसके बाद धीरे-धीरे छोटे शब्द पढ़ना सिखाया जाता है। जब इन शब्दों को हाथ की उंगलियों से पूरे अनुभव के साथ ये बच्चे पढ़ना सीखते हैं, तो इसके बाद इन बच्चों को महाभारत की कथा की किताब दी जाती है। यह किताब ब्रेल लिपि में है। इस किताब को ये बच्चे बड़ी आसानी से पढ़ते हैं। इससे दो फायदे होते हैं, एक तो बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधरता है, और दूसरा भारतीय इतिहास और संस्कृति से परिचत होने का अवसर भी मिलता है।

इनके लिए गणित बेहद आसान
गणित में अंकों का खेल होता है। जोड़, घटाना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन इन बच्चों को जिस तकनीक से मैथ पढ़ाई जाती है, उससे काफी आसान हो जाता है। एक विशेष प्रकार की स्लेट होती है। इसमें कुछ छोटी-छोटी पिन होती हैं। इन पिन को छेद में रखकर संख्या को बनाया जाता है, इसके बाद दूसरी ओर से बोली जाने वाली संख्या में कितना जोड़ना और और कितना घटाना है, इन पिन के माध्यम से ये बच्चे सही उत्तर निकालकर देते हैं।

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