आगरा। महाभारत का युद्ध हुआ तो उस समय महाराजा धृतराष्ट्र को संजय ने युद्ध का पूरा हाल बयां किया था। आगरा में भी संजय की तरह नेत्रहीन बच्चे महाभारत की कथा सुनाते हैं। ये बच्चे सूरदास नेत्रहीन विद्यालय एवं प्रशिक्षण संस्थान, सूरकुटी, गऊघाट, कीठम, सिकंदरा में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ये बच्चें आंखों से नहीं देख सकते, लेकिन जब महाभारत की कथा सुनाते हैं, तो आपको लगेगा ही नहीं कि इन बच्चों के नेत्र नहीं हैं।